प्रयागराज : शहर को जलभराव से बचाने के लिए हैदराबाद की टीम ने शुरू किया सर्वे, 1200 करोड़ से दुरुस्त होंगे नाले
नगर निगम ने शहर के निचले इलाकों को जलभराव की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए 1,200 करोड़ रुपये की योजना बनाई है। इसके लिए हैदराबाद की टीम ने सर्वे भी शुरू कर दिया है। टीम तीन माह में सर्वे पूरा करेगी।
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नगर निगम ने शहर के निचले इलाकों को जलभराव की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए 1,200 करोड़ रुपये की योजना बनाई है। इसके लिए हैदराबाद की टीम ने सर्वे भी शुरू कर दिया है। टीम तीन माह में सर्वे पूरा करेगी।
इसके बाद नालों के चौड़ीकरण व नए नालों के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। महापौर गणेश केसरवानी का दावा है कि टीम दो दिनों से सर्वे कर रही है। ऐसे में स्थानीय व्यवस्था से 50 साल के लिए जलभराव से मुक्ति मिल जाएगी।
शासन ने दिसंबर तक सर्वे के प्रस्ताव को भेजने का समय तय किया है। शासन ने ड्रेनेज सिस्टम को ठीक करने की जिम्मेदारी कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएनडीएस) को दी है। नगर आयुक्त साई तेजा ने शहर के निचले इलाकों के 42 ड्रेनेज की रिपोर्ट सीएनडीएस को सौंपी है। इनमें जॉर्जटाउन, अल्लापुर, सोहबतियाबाग, मम्फोर्डगंज, दारागंज और करेली सहित कई इलाके शामिल हैं।
ड्रोन और आधुनिक कैमरों से होगा सर्वे
नालों का सर्वे आधुनिक कैमरों से होगा। इसमें ड्रोन कैमरों के साथ डीजीपीएस कैमरों से ड्रेनेज की खामियों का आकलन जाएगा। डीजीपीएस कैमरे इमारत की छत पर लगाए जाएंगे। इससे तीन से चार किमी के नालों की स्थिति को भांपा जाएगा। इस आधुनिक विधि से ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने में सहायता मिलेगी। वहीं, कैंट एरिया में सर्वे के लिए सीएनडीएस ने छावनी परिषद से अनुमति लेने की तैयारी है।
निचले इलाकों को मिलेगी राहत
शहर के दारागंज (नागवासुकि क्षेत्र), बघाड़ा, सलोरी, अल्लापुर का कछारी हिस्सा, दरियाबाद, सदियापुर, नैनी, जॉर्जटाउन व झूंसी के तटीय क्षेत्र और करेली की कुछ निचली कॉलोनियां को जलभराव से मुक्ति मिलेगी। यह सर्वे पूरे शहर का है। ऐसे में सभी ड्रेनेज सिस्टम सही होंगे।
शासन ने हैदराबाद की टीम को सर्वे करने और डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी मिली है। दिसंबर तक शासन को डीपीआर भेज दी जाएगी। वित्तीय स्वीकृति मिलते ही ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने का काम किया जाएगा। - सीडी मिश्रा, प्रोजेक्ट मैनेजर, सीएनडीएस