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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Hunger strike demanding TGT-PGT recruitment based on the old rules and pattern continues for the third day.

प्रयागराज : पुरानी नियमावली व पैटर्न पर टीजीटी-पीजीटी विज्ञापन की मांग को लेकर आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी

Mon, 07 Sep 2026 07:36 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 07 Sep 2026 07:36 PM IST
सार

अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक एवं इंटर कॉलेजों में रिक्त शिक्षक पदों पर पुरानी नियमावली एवं पुराने पैटर्न के आधार पर TGT-PGT भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर युवा मंच का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन आज आठवें दिन तथा आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा।

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Hunger strike demanding TGT-PGT recruitment based on the old rules and pattern continues for the third day.
शिक्षक भर्ती को पुरानी नियमावली से कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते अभ्यर्थी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक एवं इंटर कॉलेजों में रिक्त शिक्षक पदों पर पुरानी नियमावली एवं पुराने पैटर्न के आधार पर TGT-PGT भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर युवा मंच का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन आज आठवें दिन तथा आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि लगभग 20 हजार से अधिक रिक्त शिक्षक पदों पर पुरानी नियमावली के आधार पर भर्ती विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर अभ्यर्थी लंबे समय से आंदोलनरत हैं। इसके बावजूद सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की उदासीनता से अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि 16 सितम्बर 2025 से पहले से रिक्त पदों पर नई नियमावली के बजाय उस समय लागू पुरानी नियमावली के आधार पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए। नई नियमावली में किए गए विभिन्न बदलावों से बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थियों के अवसर प्रभावित हो रहे हैं, जो वर्षों से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे हैं।

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इन मुद्दों पर पुनर्विचार की मांग

युवा मंच ने नई नियमावली में किए गए बदलावों की समीक्षा करते हुए प्रवक्ता पदों पर बीएड की अनिवार्यता, हिन्दी में इंटर स्तर पर संस्कृत की अनिवार्यता, प्राविधिक कला के अभ्यर्थियों को अवसर से वंचित किए जाने, संगीत में बीएड की अनिवार्यता, अंग्रेजी में लेक्चरर एवं लैंग्वेज की योग्यता में बदलाव, शारीरिक शिक्षा में सीपीएड को बाहर किए जाने, गृह विज्ञान में बीएड की अनिवार्यता तथा सामाजिक विज्ञान सहित अन्य विषयों की बदली हुई अर्हताओं पर पुनर्विचार की मांग की है।  आमरण अनशन पर बैठीं शिमला पटेल, मीना देवी, रोशन सरोज, अभिषेक कुमार एवं प्रवीण यादव ने कहा कि पुरानी नियमावली एवं पुराने पैटर्न पर विज्ञापन जारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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अनिल सिंह ने कहा कि यह लड़ाई केवल कुछ अभ्यर्थियों की नहीं, बल्कि लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों के अवसर और भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने सरकार से मांग की कि छात्रहित एवं समान अवसर को ध्यान में रखते हुए पुरानी नियमावली एवं पुराने पैटर्न को बहाल कर लगभग 20 हजार से अधिक रिक्त पदों पर विज्ञापन शीघ्र जारी किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो युवा मंच आंदोलन को और व्यापक रूप देगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। आमरण अनशन में प्रमुख रूप से: अखिलेश वर्मा, ब्रिजेश सिंह, भानु प्रताप शुक्ल, ब्रिजेश तिवारी, प्रमोद दूबे, राकेश अग्रहरि, दीपा सिंह, नीतू, कपिल देव उपाध्याय, पंकज त्रिपाठी, रमेश पांडेय, एल. के. चौधरी, मंजेश्वरी, सौरभ, विकास, राजेंद्र वर्मा एवं प्रशांत सिंह सहित अन्य अभ्यर्थी मौजूद रहे।

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