फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Human rights commission can not get compensation directly from police

पुलिस से सीधे मुआवजा नहीं वसूल सकता मानवाधिकार आयोग

Sun, 24 Dec 2017 01:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 24 Dec 2017 01:26 AM IST
विज्ञापन
Human rights commission can not get compensation directly from police
इलाहबाद हाईकोर्ट - फोटो : File Photo
मानवाधिकार आयोग मानवाधिकार हनन के पीड़ित को मुआवजा दिलाने के लिए दोषी पाए गए पुलिसकर्मियों से सीधे वसूली नहीं कर सकता है। आयोग को सिर्फ संस्तुति करने का अधिकार है। पुलिस के अधिकारी भी आयोग के आदेश पर मुआवजा वसूल नहीं कर सकते हैं। यदि आयोग किसी प्रकार की वसूली का आदेश देता है तो इसे पुलिसकर्मियों की दंड एवं अपील नियमावली की धारा 14 (1) के तहत विभागीय कार्यवाही पूरी करने के बाद ही वसूला जा सकता है। हाईकोर्ट ने यह व्यवस्था देते हुए गौतमबुद्ध नगर के दो उपनिरीक्षकों पर लगाए गए 75-75 हजार रुपये वसूल करने का आदेश निरस्त कर दिया है। वसूली का आदेश मानवाधिकार आयोग ने दिया था।
विज्ञापन


उपनिरीक्षक सत्यपाल सिंह सिसौदिया और नरेंद्र प्रसाद की याचिका पर न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी ने सुनवाई की। याची के अधिवक्ता विजय गौतम की दलील थी कि आयोग को दोषी पुलिसकर्मियों से हर्जाना वसूल करने का अधिकार नहीं है। उसे सिर्फ संस्तुति करने का अधिकार है। अधिवक्ता की दलील थी कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ अधिकारियों की दंड एवं अपील नियमावली 1991 के तहत ही दोषी पाए गए कर्मचारी को सुनवाई का मौका देने के बाद ही वसूली की जा सकती है।
विज्ञापन


प्रकरण गौतमबुद्ध नगर का है। कासना के  डा. सुधीर चंद्रा के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया था। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर गलत व्यवहार करने और विवेचना में लापरवाही की शिकायत आयोग से की। आयोग ने दोनों उपनिरीक्षकों को दोषी पाते हुए एक फरवरी 2017 को डेढ़ लाख रुपये मुआवजा डा. सुधीर चंद्रा को देने का निर्देश दिया। इसके बाद विशेष सचिव गृह के निर्देश पर एसएसपी गौतमबुद्ध नगर ने दोनों उपनिरीक्षकों से 75-75 हजार रुपये वसूल करने का आदेश जारी किया। इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि नियमानुसार विभागीय कार्यवाही के बाद ही हर्जाना वसूला जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed