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Prayagraj News: महंगाई में कैसे चले परिवार, रोजगार की तलाश में पलायन कर रहे मजदूर
Mon, 24 Nov 2025 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Mon, 24 Nov 2025 01:28 AM IST
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महंगाई के बीच मनरेगा श्रमिकों के सामने परिवार का भरण-पोषण करना चुनौती बन गया है। अप्रैल में 247 रुपये से बढ़कर मजदूरी 252 रुपये प्रतिदिन जरूर हो गई लेकिन इससे परिवार का गुजर-बसर नहीं हो पा रहा है। जबकि गांव में सामान्य दिहाड़ी 500 रुपये है। ऐसे में क्षेत्र के अधिकांश श्रमिक पुणे, पंजाब, भिवंडी, मुंबई और दिल्ली जैसे बड़े शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।
कौड़िहार विकासखंड की 36 ग्राम सभाओं में से 22 में मनरेगा का कार्य संचालित हो रहा है। इनमें श्रमिकों की संख्या बेहद कम है। मनरेगा श्रमिक निर्मला देवी ने बताया कि काम न मिलने और कम मजदूरी से उनके पति को घर चलाने के लिए बाहर जाना पड़ा। वहीं, अशोका देवी ने भी मजदूरी की कमी और काम न मिलने से परिवार के सामने संकट गहराने की बात कही।
सुजीत कुमार और अन्य श्रमिकों का कहना है कि 252 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी से इस महंगाई में गुजारा करना संभव नहीं है। नाम न छापने की शर्त पर मनरेगा श्रमिकों ने बताया कि प्रधान और रोजगार सेवक केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए काम कराते हैं।
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इस समय मनरेगा श्रमिकों की मांग बढ़ी है। सरकार की ओर से निर्धारित मजदूरी उन्हें समय पर भेज दी जाती है।- गुलाब सिंह, डीसी मनरेगा, प्रयागराज।
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कौड़िहार विकासखंड की 36 ग्राम सभाओं में से 22 में मनरेगा का कार्य संचालित हो रहा है। इनमें श्रमिकों की संख्या बेहद कम है। मनरेगा श्रमिक निर्मला देवी ने बताया कि काम न मिलने और कम मजदूरी से उनके पति को घर चलाने के लिए बाहर जाना पड़ा। वहीं, अशोका देवी ने भी मजदूरी की कमी और काम न मिलने से परिवार के सामने संकट गहराने की बात कही।
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सुजीत कुमार और अन्य श्रमिकों का कहना है कि 252 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी से इस महंगाई में गुजारा करना संभव नहीं है। नाम न छापने की शर्त पर मनरेगा श्रमिकों ने बताया कि प्रधान और रोजगार सेवक केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए काम कराते हैं।
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इस समय मनरेगा श्रमिकों की मांग बढ़ी है। सरकार की ओर से निर्धारित मजदूरी उन्हें समय पर भेज दी जाती है।- गुलाब सिंह, डीसी मनरेगा, प्रयागराज।