Prayagraj News : 160 अपात्रों को दे दिए आवास, 34 ग्राम सचिवाें पर आरोप तय
आवास योजना में लगातार शिकायतों के बाद वित्तीय वर्ष 202-21 और 2021-22 में हुए आवंटन की जांच कराई गई। इसमें पाया गया कि अफसरों की मिलीभगत से 160 अपात्रों को आवास आवंटित कर दिए गए।
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प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े स्तर पर अनियमितता सामने आई है। विगत दो वर्षों मेें 160 अपात्रों को आवास दे दिए गए। इसमें 34 ग्राम पंचायत सचिव एवं ग्राम विकास अधिकारी दोषी पाए गए हैं। इनके खिलाफ आरोप पत्र जारी किया गया है। अंतिम जांच रिपोर्ट के आधार पर इन पर कार्रवाई तय की जाएगी। आवास योजना में लगातार शिकायतों के बाद वित्तीय वर्ष 202-21 और 2021-22 में हुए आवंटन की जांच कराई गई। इसमें पाया गया कि अफसरों की मिलीभगत से 160 अपात्रों को आवास आवंटित कर दिए गए। इसमें 34 ग्राम सचिव एवं ग्राम विकास अधिकारी दोषी भी पाए गए हैं। डीडीओ भोलानाथ कनौजिया ने बताया कि आरोप पत्र जारी करने के साथ इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी संस्तुति की गई है।
दोषी पाए ग्राम सचिव एवं ग्राम विकास अधिकारी
उरुवा के रंजय प्रसाद, धनंजय यादव, शंकरगढ़ के रविकुमार सोनकर, करछना के कमल सिंह, अमित कुमार, बहादुरपुर के अजय कुमार पांडेय, कौंधियारा के वीरेंद्र सिंह, मनोज कुमार, कोरांव के विनीत कुमार पाठक, सैदाबाद की नेहा कामले, हंडिया के अरुण कुमार, होलागढ़ के देवेंद्र प्रताप सिंह, फूलपुर के विनोद कुमार, जसरा के विनोद कुमार, सहसों के अजय कुमार राना, उरुवा के भानु प्रताप, सुजीत कुमार, मऊआइमा के मग्धे सरोज, शंकरगढ़ के पंकज सिह, करछन के शिवओम चौधरी, महेश कुमार, मांडा के संजीव कुमार, बृजेंद्र कुमार शुक्ल, बहादुरपुर के शेखर कुमार श्रीवास्तव, रामलाल, श्रृंग्वेरपुर धाम के अनिल कुमार सिंह, कोरांव के सत्येंद्र कुमार पांडेय, आनंद मोहन सिंह, बहरिया के राजेश कुमार शुक्ल, सैदाबाद के बृजेश कुमार सरोज, कौड़िहार के आकाश लाल प्रजापति, जसरा के राजीव कुमार मिश्र, यशवंत सिंह यादव, जितेंद्र कुमार गौड़ के खिलाफ आरोप पत्र जारी किया गया है।
1600 लाभार्थियों की रोक दी गई है अगली किस्त
आवास योजना के 1600 लाभार्थियाें ने पैसा तो ले लिया है लेकिन मकान नहीं बनवाया। जांच के बाद इनकी अगली किस्त रोक दी गई। आगे की जांच कराई जा रही है। इनमें भी कई के अपात्र होने की बात कही जा रही है। पीडी अशोक कुमार मौर्य का कहना है कि मकान न बनने के अलग-अलग कारण हैं। जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।