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इस साल नहीं होगी हॉस्टल वॉश आउट की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 29 Jun 2018 01:08 AM IST
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Allahabad University
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में इस साल हॉस्टल वॉश आउट की कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि नव प्रवेशियों को हॉस्टल में जगह दिलाने के लिए शिफ्टिंग की कार्रवाई की जाएगी। यह काम कैसे होगा, इसकी अभी कोई योजना तैयार नहीं की गई है। शिफ्टिंग तभी कराई जा सकेगी, जब प्रवेश की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन को यह आंकड़े मिल जाएं कि हॉस्टलों में कितनी सीटें खाली होने जा रही हैं। इसके लिए पुरानों छात्र चिह्नित किए जाएंगे और फिर उनकी सूची बनाई जाएगी।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 28 अप्रैल 2017 को हॉस्टल वॉश आउट के विरोध में जमकर बवाल हुआ था। दर्जनों वाहनों में तोड़फोड़, आगजनी, बमबाजी, फायरिंग जैसी घटनाएं हुईं थी। फोर्स ने हॉस्टलों में घुसकर छात्रों को पीटा था। बाद में जिला प्रशासन, इविवि प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सभी हॉस्टल खाली करा लिए गए थे। इस साल भी 12 से 15 जून तक हॉस्टल वॉश आउट की योजना बनाई गई थी लेकिन योजना देर से बनाई गई। जुलाई से नया सत्र शुरू होना है। ऐसे में छात्र भड़क गए और पांच जून को वॉशआउट के विरोध में बवाल हो गया। इस बार भी आगजनी, तोड़फोड़, बमबाजी हुई।
पिछली बार तो हॉस्टल खाली करा लिए गए थे लेकिन इस बार इविवि प्रशासन को बैक फुट पर आना पड़ा और कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू ने वॉश आउट की कार्रवाई अग्रिम आदेश तक स्थगित कर दी। जुलाई से नया सत्र शुरू होना और प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में वॉश आउट की कार्रवाई इस बार नहीं होगी। जुलाई से नया सत्र शुरू हो जाएगा। अब वॉश आउट के लिए समय नहीं बचा है। उधर, डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार का कहना है कि नव प्रवेशार्थियों को हॉस्टलों में प्रवेश के लिए शिफ्टिंग की योजना बनाई जाएगी। प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने पर देखा जाएगा कि कितने कमरे खाली हो रहे हैं। रिक्त सीटों के आधार पर नए छात्र-छात्राओं को हॉस्टलों में प्रवेश दिए जाएंगे।
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हॉस्टल खाली कराने के दौरान हुए उपद्रव, आगजनी और तोड़फोड़ के मामले में जिला न्यायालय ने विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष अवनीश कुमार यादव, चन्द्र शेखर चौधरी, अविनाश विद्यार्थी, और उदय प्रकाश यादव की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। कोर्ट ने सभी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। यह सभी छात्र नेता पांच जून से जेल में बंद हैं। यह आदेश प्रभारी जिला जज बद्री विशाल पांडेय ने अधिवक्ता रवीन्द्र यादव को सुनकर दिया है। घटना पांच जून 2018 कर्नलगंज थाने की है। अभियोजन के अनुसार विश्वविद्यालय के हॉस्टल खाली कराने का विरोध करते हुए छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन मुर्दाबाद का नारा लगा रहे थे। आरोप है कि महामंत्री निर्भय द्विवेदी ने जान से मारने की नीयत से पुलिस की बोलेरो गाड़ी पर बम मारा, जिससे शीशा चकनाचूर हो गया। इसी दौरान छात्रों द्वारा सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर आगजनी की गई। घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
बृहस्पतिवार को छात्र संघ अध्यक्ष अवनीश यादव, उपाध्यक्ष चन्द्रशेखर चौधरी, अविनाश विद्यार्थी और उदय प्रकाश यादव की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि छात्र संघ के पदाधिकारी होने के नाते विश्वविद्यालय की अनियमितताओं का विरोध कर रहे थे। पुलिस ने छात्रों पर लाठी चार्ज किया था और फर्जी कहानी बना कर झूठा मुकदमा लिखा दिया और जेल भेज दिया। छात्र निर्दोष हैं, उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। कहा गया कि कोर्ट ने अन्य सहअभियुक्तों की जमानत 23 जून को मंजूर कर ली है। कोर्ट ने 40-40 हजार रुपये के बंधपत्र दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया है।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 28 अप्रैल 2017 को हॉस्टल वॉश आउट के विरोध में जमकर बवाल हुआ था। दर्जनों वाहनों में तोड़फोड़, आगजनी, बमबाजी, फायरिंग जैसी घटनाएं हुईं थी। फोर्स ने हॉस्टलों में घुसकर छात्रों को पीटा था। बाद में जिला प्रशासन, इविवि प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सभी हॉस्टल खाली करा लिए गए थे। इस साल भी 12 से 15 जून तक हॉस्टल वॉश आउट की योजना बनाई गई थी लेकिन योजना देर से बनाई गई। जुलाई से नया सत्र शुरू होना है। ऐसे में छात्र भड़क गए और पांच जून को वॉशआउट के विरोध में बवाल हो गया। इस बार भी आगजनी, तोड़फोड़, बमबाजी हुई।
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पिछली बार तो हॉस्टल खाली करा लिए गए थे लेकिन इस बार इविवि प्रशासन को बैक फुट पर आना पड़ा और कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू ने वॉश आउट की कार्रवाई अग्रिम आदेश तक स्थगित कर दी। जुलाई से नया सत्र शुरू होना और प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में वॉश आउट की कार्रवाई इस बार नहीं होगी। जुलाई से नया सत्र शुरू हो जाएगा। अब वॉश आउट के लिए समय नहीं बचा है। उधर, डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार का कहना है कि नव प्रवेशार्थियों को हॉस्टलों में प्रवेश के लिए शिफ्टिंग की योजना बनाई जाएगी। प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने पर देखा जाएगा कि कितने कमरे खाली हो रहे हैं। रिक्त सीटों के आधार पर नए छात्र-छात्राओं को हॉस्टलों में प्रवेश दिए जाएंगे।
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हॉस्टल खाली कराने के दौरान हुए उपद्रव, आगजनी और तोड़फोड़ के मामले में जिला न्यायालय ने विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष अवनीश कुमार यादव, चन्द्र शेखर चौधरी, अविनाश विद्यार्थी, और उदय प्रकाश यादव की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। कोर्ट ने सभी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। यह सभी छात्र नेता पांच जून से जेल में बंद हैं। यह आदेश प्रभारी जिला जज बद्री विशाल पांडेय ने अधिवक्ता रवीन्द्र यादव को सुनकर दिया है। घटना पांच जून 2018 कर्नलगंज थाने की है। अभियोजन के अनुसार विश्वविद्यालय के हॉस्टल खाली कराने का विरोध करते हुए छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन मुर्दाबाद का नारा लगा रहे थे। आरोप है कि महामंत्री निर्भय द्विवेदी ने जान से मारने की नीयत से पुलिस की बोलेरो गाड़ी पर बम मारा, जिससे शीशा चकनाचूर हो गया। इसी दौरान छात्रों द्वारा सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर आगजनी की गई। घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
बृहस्पतिवार को छात्र संघ अध्यक्ष अवनीश यादव, उपाध्यक्ष चन्द्रशेखर चौधरी, अविनाश विद्यार्थी और उदय प्रकाश यादव की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि छात्र संघ के पदाधिकारी होने के नाते विश्वविद्यालय की अनियमितताओं का विरोध कर रहे थे। पुलिस ने छात्रों पर लाठी चार्ज किया था और फर्जी कहानी बना कर झूठा मुकदमा लिखा दिया और जेल भेज दिया। छात्र निर्दोष हैं, उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। कहा गया कि कोर्ट ने अन्य सहअभियुक्तों की जमानत 23 जून को मंजूर कर ली है। कोर्ट ने 40-40 हजार रुपये के बंधपत्र दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया है।