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अराजकता का अड्डा बने हॉस्टल
Tue, 25 Dec 2018 02:14 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 25 Dec 2018 02:14 AM IST
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के हॉस्टल अराजकता का अड्डा बन चुके हैं। कुछ दिनों पहले पीसीबी, हॉलैंड हॉल और ताराचंद हॉस्टल में बीते दिनों हुई घटनाओं से भी इविवि प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया। नतीजा कि हिंदू हॉस्टल भी अराजकता का शिकार बन गया। सवाल उठ रहे हैं कि हॉस्टलों को खाली कराने के लिए पुलिस पर निर्भर इविवि प्रशासन के तकरीबन तीन सौ सुरक्षा कर्मी आखिर क्या कर रहे हैं और इविवि प्रशासन के लिए हॉस्टलों के अंदर भी हालात को संभाल पाना मुश्किल हो गया है।
बीते दिनों ताराचंद हॉस्टल के गेट पर बसपा नेता राजेश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पिछले दिनों इविवि के छात्रसंघ चुनाव के बाद पीसीबी हॉस्टल में छात्र नेता अच्युतानंद उर्फ सुमित शुक्ला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जिस दिन छात्रसंघ चुनाव का परिणाम आया, उसी रात हॉलैंड हॉल हॉस्टल में छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव और पूर्व अध्यक्ष अवनीश यादव के कमरों में आग लगा दी गई। साथ ही कई वाहन फूंक दिए गए। इस साल इविवि प्रशासन ने हॉस्टल में वॉशआउट की कार्रवाई भी नहीं की, जिसकी वजह से हॉस्टल में अराजकतत्वों का अवैध कब्जा बना रहा। इविवि प्रशासन की ओर से पुलिस और जिला प्रशासन को दो बार पत्र लिखा गया लेकिन वहां से भी कोई सहयोग नहीं मिला। अब हिंदू हॉस्टल के अंदर एक छात्र को अराजकतत्वों ने जमकर पीटा।
अब सवाल उठ रहे हैं कि इविवि की अंतरिक सुरक्षा में लगे तकरीबन 300 गार्ड क्या कर रहे हैं। इन्हें प्रतिमाह न्यूनतम 18 हजार रुपये वेतन दिया जाता है। यानी इविवि प्रशासन प्रतिमाह 48 लाख 60 हजार रुपये और सालाना पांच करोड़ 83 लाख रुपये आंतरिक सुरक्षा पर खर्च करता है। इसके बावजूद महिला छात्रावास को छोड़ अन्य किसी भी हॉस्टल में गार्ड की तैनाती नहीं की गई है। सिर्फ यही नहीं, आए दिन विभागों और कक्षाओं में भी अराजकता की घटनाएं हो रही हैं। रैगिंग की शिकायतें आ रही हैं। इसके बावजूद ज्यादातर विभागों में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती नहीं की गई है।
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हिंदू हॉस्टल में हुई घटना से नाराज छात्र देर रात तक इविवि के लाइब्रेरी गेट पर धरने पर बैठे रहे। छात्रों की मांग है कि हॉस्टल में वॉशआउट की कार्रवाई की जाए और हॉस्टल के भीतर उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जाए। छात्रों को आश्वासन दिया गया कि जल्द ही व्रॉशआउट की कार्रवाई की जाएगी। इस आश्वासन पर छात्रों ने रात 11 बजे के आसपास धरना समाप्त कर दिया लेकिन छात्र इस बात पर अड़े रहे कि जब तक वॉशआउट नहीं होता है, तब तक उनकी सुरक्षा का इंतजाम किया जाए।
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बीते दिनों ताराचंद हॉस्टल के गेट पर बसपा नेता राजेश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पिछले दिनों इविवि के छात्रसंघ चुनाव के बाद पीसीबी हॉस्टल में छात्र नेता अच्युतानंद उर्फ सुमित शुक्ला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जिस दिन छात्रसंघ चुनाव का परिणाम आया, उसी रात हॉलैंड हॉल हॉस्टल में छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव और पूर्व अध्यक्ष अवनीश यादव के कमरों में आग लगा दी गई। साथ ही कई वाहन फूंक दिए गए। इस साल इविवि प्रशासन ने हॉस्टल में वॉशआउट की कार्रवाई भी नहीं की, जिसकी वजह से हॉस्टल में अराजकतत्वों का अवैध कब्जा बना रहा। इविवि प्रशासन की ओर से पुलिस और जिला प्रशासन को दो बार पत्र लिखा गया लेकिन वहां से भी कोई सहयोग नहीं मिला। अब हिंदू हॉस्टल के अंदर एक छात्र को अराजकतत्वों ने जमकर पीटा।
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अब सवाल उठ रहे हैं कि इविवि की अंतरिक सुरक्षा में लगे तकरीबन 300 गार्ड क्या कर रहे हैं। इन्हें प्रतिमाह न्यूनतम 18 हजार रुपये वेतन दिया जाता है। यानी इविवि प्रशासन प्रतिमाह 48 लाख 60 हजार रुपये और सालाना पांच करोड़ 83 लाख रुपये आंतरिक सुरक्षा पर खर्च करता है। इसके बावजूद महिला छात्रावास को छोड़ अन्य किसी भी हॉस्टल में गार्ड की तैनाती नहीं की गई है। सिर्फ यही नहीं, आए दिन विभागों और कक्षाओं में भी अराजकता की घटनाएं हो रही हैं। रैगिंग की शिकायतें आ रही हैं। इसके बावजूद ज्यादातर विभागों में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती नहीं की गई है।
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हिंदू हॉस्टल में हुई घटना से नाराज छात्र देर रात तक इविवि के लाइब्रेरी गेट पर धरने पर बैठे रहे। छात्रों की मांग है कि हॉस्टल में वॉशआउट की कार्रवाई की जाए और हॉस्टल के भीतर उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जाए। छात्रों को आश्वासन दिया गया कि जल्द ही व्रॉशआउट की कार्रवाई की जाएगी। इस आश्वासन पर छात्रों ने रात 11 बजे के आसपास धरना समाप्त कर दिया लेकिन छात्र इस बात पर अड़े रहे कि जब तक वॉशआउट नहीं होता है, तब तक उनकी सुरक्षा का इंतजाम किया जाए।