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वेतन न मिलने से परिषदीय शिक्षकों की होली रहेगी फीकी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 17 Mar 2016 01:12 AM IST
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शिक्षक
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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परिषदीय विद्यालयों में हाल ही में नौकरी पाए शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने से उनकी होली फीकी रह जाएगी। प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से प्राथमिक विद्यालयों में 72825 शिक्षकों की भर्ती में अब तक 55 हजार से अधिक अभ्यर्थियों को नौकरी मिल गई है। इसी के साथ ही उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी 29334 शिक्षकों की भर्ती लगभग पूरी हो गई है। प्राथमिक विद्यालयों में नौकरी पाने वाले इन शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन संबंधित बोर्ड एवं विश्वविद्यालयों की ओर से कर दिए जाने के बाद भी प्रदेश के बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय के कर्मचारी इन शिक्षकों केप्रमाण पत्रों का सत्यापन नहीं होने की बात कहकर बोर्ड एवं विश्वविद्यालयों का चक्कर लगवा रहे हैं। सत्यापन होने के बाद भी वह इन शिक्षकों को दोबारा प्रमाण पत्रों की जांच के लिए दौड़ा रहे हैं।
शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन नहीं होने से नवनियुक्त शिक्षक बोर्ड एवं विश्वविद्यालयों के अधिकारियों के पास चक्कर लगा रहे हैं। यूपी बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि बोर्ड के ओर से जिलेवार प्रमाण पत्रों का सत्यापन करके बेसिक शिक्षा अधिकारी के पास भेजा जाता है। उन्होंने बताया कि कई ऐसे जिलों के नवनियुक्त शिक्षक उनसे मिलने पहुंचे और बताया कि उनके प्रमाण पत्रों का सत्यापन बोर्ड से नहीं भेजे जाने से वेतन जारी नहीं हो रहा है। पता चला कि बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत कर्मचारी एवं बोर्ड के सत्यापन पटल के कुछ लोग मिलकर इन शिक्षकों को परेशान कर रहे हैं। यह बाबू इन शिक्षकों से सुविधा शुल्क लेकर दोबारा सत्यापन करके जिले में भेजते हैं तो वेतन जारी हो पाता है। यही हाल स्नातक एवं बीएड प्रमाण पत्रों के सत्यापन में विश्वविद्यालयों में सामने आया है। विश्वविद्यालयों से प्रमाण पत्रों के सत्यापन केलिए अभ्यर्थी चक्कर लगा रहे हैं।
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शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन नहीं होने से नवनियुक्त शिक्षक बोर्ड एवं विश्वविद्यालयों के अधिकारियों के पास चक्कर लगा रहे हैं। यूपी बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि बोर्ड के ओर से जिलेवार प्रमाण पत्रों का सत्यापन करके बेसिक शिक्षा अधिकारी के पास भेजा जाता है। उन्होंने बताया कि कई ऐसे जिलों के नवनियुक्त शिक्षक उनसे मिलने पहुंचे और बताया कि उनके प्रमाण पत्रों का सत्यापन बोर्ड से नहीं भेजे जाने से वेतन जारी नहीं हो रहा है। पता चला कि बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत कर्मचारी एवं बोर्ड के सत्यापन पटल के कुछ लोग मिलकर इन शिक्षकों को परेशान कर रहे हैं। यह बाबू इन शिक्षकों से सुविधा शुल्क लेकर दोबारा सत्यापन करके जिले में भेजते हैं तो वेतन जारी हो पाता है। यही हाल स्नातक एवं बीएड प्रमाण पत्रों के सत्यापन में विश्वविद्यालयों में सामने आया है। विश्वविद्यालयों से प्रमाण पत्रों के सत्यापन केलिए अभ्यर्थी चक्कर लगा रहे हैं।
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