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हॉलैंड हॉल हॉस्टल को खाली कराने में छूटा पसीना
Wed, 15 May 2019 01:01 AM IST
विनोद सिंह
Prayagraj
Prayagraj
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 15 May 2019 01:01 AM IST
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hostel allahabad university
- फोटो : प्रयागराज
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हॉस्टलों में अवैध कब्जे के खिलाफ इलाहाबाद विश्वविद्यालय और पुलिस प्रशासन की ओर से शुरू किया गया अभियान हॉलैंड हॉल हॉस्टल में आकर धराशायी हो गया। इविवि प्रशासन और हॉस्टल का संचालन करने वाला ट्रस्ट अब एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं।
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सूत्रों का कहना है कि लखनऊ चर्च ऑफ नार्थ इंडिया के बिशप डॉ. पीटर बलदेव की ओर से छात्रों की जो सूची कुलपति को दी गई है, इसमें कई कमरें खाली दर्शाए गए हैं जबकि कुछ दिनों पहले इविवि और प्रशासन ने जब संयुक्त रूप से हॉस्टल का निरीक्षण किया था तो उस वक्त कोई कमरा खाली नहीं मिला। इसका मतलब है कि हॉस्टल में कोई कमरा खाली नहीं है और कई कमरों में अवैध कब्जे हैं। बिशप ने जो सूची कुलपति को दी है, वह अक्तूबर-2018 तक की है। बिशप का कहना है कि इसके बाद प्रबंध समिति भंग हो गई और हॉस्टल में छात्रों को कमरे आवंटित नहीं किए गए।
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बिशप ने कुलपति को लिखे पत्र में अनुरोध किया है कि अक्तूबर 2018 से 10 अप्रैल 2019 के बीच जिन छात्रों को हॉस्टल में कमरे आवंटित किए गए हैं, उनकी सूची अधीक्षक डॉ. एसके राय से ली जाए जबकि अधीक्षक के पास ऐसी कोई सूची ही नहीं है। बिशप ने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि हॉस्टल परिसर में दुकानें और कैंटीन का संचालन भी अवैध रूप से किया जा रहा है। अब सबकुछ स्पष्ट हो चुका है, इसके बावजूद हॉस्टल में अवैध कब्जे के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं जा रही है। इस बारे में चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे का कहना है कि हॉस्टल में अवैध कब्जे के खिलाफ जल्द ही कार्रवाई की जाएगी और अवैध लोगों को वहां से बाहर किया जाएगा।
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