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Prayagraj News: तीन माह में अली से सात बार मिलने पहुंचा था उसका छोटा भाई अबान
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माफिया अतीक अहमद के बेटे अली को प्रशासनिक आधार पर केंद्रीय कारागार नैनी से बीते एक अक्तूबर को झांसी जिला जेल स्थानांतरित कर दिया गया। उसके स्थानांतरण के पीछे लगातार आ रही उसकी मुलाकात को कारण बताया जा रहा है।
जुलाई, अगस्त और सितंबर में अली का छोटा भाई अबान सात बार उससे मिलने पहुंचा था। उमेश पाल हत्याकांड के बाद अली से कुछ माह तक तो कोई मुलाकात करने नहीं पहुंचा था, इसके बाद उसके अधिवक्ता उससे आया करते थे। अली का छोटा भाई अबान बीते 17 सितंबर को उससे आखिरी बार मुलाकात करने पहुंचा था। मुलाकात का सिलसिला शुरू होेने के बाद उसका जेल ट्रांसफर कर दिया गया।
बता दें कि रंगदारी मामले में 30 जुलाई 2022 को नैनी जेल में पहुंचा अली यहां पर तीन साल दो माह तक रहा। 24 फरवरी 2023 को राजूपाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या के बाद कुछ माह तक उससे कोई मुलाकात नहीं आई। इसके बाद उसके अधिवक्ता उससे मुलाकात करने पहुंचते थे। उनकी मुलाकात जेल अधिकारियों और एलआईयू के सामने कराई जाती थी। अली की बैरक से बीते 17 जून को डीआईजी जेल राजेश श्रीवास्तव ने नकदी बरामद की थी। इसके बाद से उसके जेल ट्रांसफर के कयास लगाए जा रहे थे।
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वहीं सूत्रों की मानें तो नकदी मिलने के बाद जेल प्रशासन ने अली के लिए आने वाले पार्सल पर रोक लगा दी थी। जेल में केवल अधिवक्ताओं की मुलाकात व पार्सल पर रोक के कारण अली से उसके छोटे भाई अबान ने मुलाकात करनी शुरू की थी। तीन माह में अबान सात बार मुलाकात करने पहुंचा था। हालांकि, जेल प्रशासन द्वारा एलआईयू के सामने उसकी मुलाकात कराई जाती थी। वरिष्ठ जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह ने बताया कि जेल मैनुअल के अनुसार विचाराधीन बंदी की सप्ताह में तीन मुलाकात कराए जाने का प्रावधान है। मैनुअल के अनुसार ही अली की मुलाकात कराई जाती थी। एलआईयू व जेल अधिकारियों की मौजूदगी में उसकी मुलाकात कराई जाती थी। संवाद
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जुलाई, अगस्त और सितंबर में अली का छोटा भाई अबान सात बार उससे मिलने पहुंचा था। उमेश पाल हत्याकांड के बाद अली से कुछ माह तक तो कोई मुलाकात करने नहीं पहुंचा था, इसके बाद उसके अधिवक्ता उससे आया करते थे। अली का छोटा भाई अबान बीते 17 सितंबर को उससे आखिरी बार मुलाकात करने पहुंचा था। मुलाकात का सिलसिला शुरू होेने के बाद उसका जेल ट्रांसफर कर दिया गया।
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बता दें कि रंगदारी मामले में 30 जुलाई 2022 को नैनी जेल में पहुंचा अली यहां पर तीन साल दो माह तक रहा। 24 फरवरी 2023 को राजूपाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या के बाद कुछ माह तक उससे कोई मुलाकात नहीं आई। इसके बाद उसके अधिवक्ता उससे मुलाकात करने पहुंचते थे। उनकी मुलाकात जेल अधिकारियों और एलआईयू के सामने कराई जाती थी। अली की बैरक से बीते 17 जून को डीआईजी जेल राजेश श्रीवास्तव ने नकदी बरामद की थी। इसके बाद से उसके जेल ट्रांसफर के कयास लगाए जा रहे थे।
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वहीं सूत्रों की मानें तो नकदी मिलने के बाद जेल प्रशासन ने अली के लिए आने वाले पार्सल पर रोक लगा दी थी। जेल में केवल अधिवक्ताओं की मुलाकात व पार्सल पर रोक के कारण अली से उसके छोटे भाई अबान ने मुलाकात करनी शुरू की थी। तीन माह में अबान सात बार मुलाकात करने पहुंचा था। हालांकि, जेल प्रशासन द्वारा एलआईयू के सामने उसकी मुलाकात कराई जाती थी। वरिष्ठ जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह ने बताया कि जेल मैनुअल के अनुसार विचाराधीन बंदी की सप्ताह में तीन मुलाकात कराए जाने का प्रावधान है। मैनुअल के अनुसार ही अली की मुलाकात कराई जाती थी। एलआईयू व जेल अधिकारियों की मौजूदगी में उसकी मुलाकात कराई जाती थी। संवाद