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बढ़े गृहकर एरियर की वसूली पर रोक, नगर निगम से जवाब तलब
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highcourt order to stop recieving house tax
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने सिविल लाइंस निवासी छेदीलाल पांडेय से एक लाख 33 हजार रुपये से अधिक गृहकर एरियर की वसूली पर रोक लगा दी है और नगर निगम प्रयागराज से जवाब तलब किया है। याची ने नगर निगम द्वारा वसूली नोटिस को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिका पर न्यायमूर्ति मनोज मिश्र और न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव की पीठ सुनवाई कर रही है।
याची का कहना है कि वह नियमित रूप से नगर निगम के करों का भुगतान करता है। इस बार उसे जो बिल भेजा गया है, वह 23 हजार 853 रुपये का है, मगर इसके साथ ही उसे एक लाख 33 हजार 147 रुपये का एरियर का बिल भी भेजा गया है। नगर निगम के अधिवक्ता एसडी कौटिल्य का कहना था कि याची को भेजे गए नोटिस से ऐसा लगता है कि उन्होंने कुछ अतिरिक्त निर्माण करवाया है, इसलिए एक अप्रैल 2014 से एरियर जोड़कर बिल भेजा गया है।
कोर्ट ने मामले को विचारणीय मानते हुए नगर निगम से तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने और याची को एक सप्ताह में उसका प्रतिउत्तर देने का निर्देश दिया है। इस दौरान यदि याची 23,853 रुपये दस दिन के भीतर जमा कर देता है तो उसके विरुद्ध उत्पीड़नात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है।
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याची का कहना है कि वह नियमित रूप से नगर निगम के करों का भुगतान करता है। इस बार उसे जो बिल भेजा गया है, वह 23 हजार 853 रुपये का है, मगर इसके साथ ही उसे एक लाख 33 हजार 147 रुपये का एरियर का बिल भी भेजा गया है। नगर निगम के अधिवक्ता एसडी कौटिल्य का कहना था कि याची को भेजे गए नोटिस से ऐसा लगता है कि उन्होंने कुछ अतिरिक्त निर्माण करवाया है, इसलिए एक अप्रैल 2014 से एरियर जोड़कर बिल भेजा गया है।
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कोर्ट ने मामले को विचारणीय मानते हुए नगर निगम से तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने और याची को एक सप्ताह में उसका प्रतिउत्तर देने का निर्देश दिया है। इस दौरान यदि याची 23,853 रुपये दस दिन के भीतर जमा कर देता है तो उसके विरुद्ध उत्पीड़नात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है।
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