प्रयागराज- अयोध्या राजमार्ग पर सवारियों से भरी अनुबंधित बस गड्ढे में पलट गई। बस में सवार कुछ यात्री मामूली रूप से चोटिल हुए लेकिन चालक को बेेहोशी की हालत में उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज लाया गया। आशंका जताई जा रही है कि चालक को नींद आने से घटना हुई है। घटना के बाद काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल कायम रहा।
प्रयागराज डिपो की बस लेकर चालक आलोक तिवारी और परिचालक जय प्रकाश तिवारी बुधवार सुबह सवारी लेकर सुलतानपुर गए थे। बुधवार दोपहर सवारी लेकर प्रतापगढ़ डिपो पहुंचे। यहां सवारियों को उतारने के बाद दोपहर करीब दो बजे 18 यात्री प्रयागराज रूट वालों को बस पर बैठाकर प्रयागराज के लिए रवाना हुए।
नगर कोतवाली के सरायसागर के पास अचानक चालक आलोक तिवारी ने बस से नियंत्रण खो दिया। जिससे अनियंत्रित होकर बस गड्ढे में पलट गई। यह देख आसपास के लोग दौड़ पड़े। बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। महिला यात्रियों के चीखने चिल्लाने से अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया।
हालांकि गनीमत की बात यह रही कि बस में सवार मोनिका (45), राम आसरे (40) समेत करीब सात यात्री चोटिल हुए थे। जिनका भुपियामऊ स्थित प्राइवेट अस्पताल में मरहम पट्टी कराया गया। हादसे के बाद बेहोश चालक को लोगों की मदद से उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज लाया। चौकी प्रभारी भुपियामऊ रज्जन राव ने बताया कि बस में सवार कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आईं थीं। किसी ने कोई शिकायत नहीं की।
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बस पलटने से घायल चालक।
- फोटो : अमर उजाला।
यात्रियों को लौटाया किराया, चालक के नशे में होने का लगाते रहे आरोप
अनुबंधित बस पलटने के कारण यात्रियों से लिया गया किराया परिचालक जय प्रकाश ने वापस कर दिया। यात्रियों के रुपये लौटाने के साथ ही उसने घटना की जानकारी विभागीय अधिकारी को दी। मौके पर पहुंची पुलिस भी लोगों की भीड़ हटाती रही ताकि किसी यात्री का सामान गायब न हो। बस में सवार यात्री चालक के नशे में होने का आरोप लगाते रहे। जबकि होश में आने पर चालक बार-बार गश आने की बात बताता रहा।
सई पुल पार करते ही बस रोककर धोया था मुंह सुलतानपुर से बस लेकर आते समय बेल्हा देवी सई नदी पुल पार कर चालक आलोक तिवारी ने बस रोक दी। बस रोककर दुकान पर मुंह व हाथ पैर धुला। इसके बाद बस लेकर बस डिपो पहुंचा।