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सामाजिक दूरी का न पालन करना चिंताजनक, जरूरत पड़े तो सरकार जारी करे कड़े प्रावधानः हाईकोर्ट

Tue, 14 Jul 2020 04:20 PM IST
news desk amar ujala, prayagraj Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो Updated Tue, 14 Jul 2020 04:20 PM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कोरोना संक्रमण से बचाव मे महत्वपूर्ण शारीरिक दूरी का पालन न करने पर चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि तमाम उपायों के बावजूद आम जनता संक्रमण को लेकर जागरूक नहीं है और लोग शारीरिक दूरी का पालन करने , मास्क लगाने तथा हाथ धोने जैसे उपायों को गंभीरता से नहीं ले रहे है ।

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इस मामले में राज्य सरकार को व्यापक निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि सरकार यदि जरूरी समझे तो इन उपायों के पालन हेतु कड़े प्रावधान लागू करें । भारी जुर्माना लगाने का भी सुझाव कोर्ट ने दिया है।
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कोरोना संक्रमण को लेकर सरकार द्वारा किए जा रहे प्रबंधों की निगरानी कर रही न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजीत कुमार की पीठ ने कहा कि अगली सुनवाई पर सरकार एक प्लान प्रस्तुत करें कि किस तरह से वह सोशल डिस्टेंसिंग के प्रावधानों को लागू करेंगे ।

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इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : डेमो



उनका कहना था कि वह यह नहीं समझ पा रहे हैं कि कोविड-19 रेगुलेशन 2020 और आईपीसी तथा सीआरपीसी के प्रावधानों को क्यों नहीं लागू किया जा पा रहा है। अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने अदालत को बताया कि बहुत जल्द एक उच्च स्तरीय बैठक की जाएगी जिस में संक्रमण से बचने के प्रावधानों पर विचार किया जाएगा तथा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कानून बनाया जाए।

सुनवाई के दौरान अदालत में उपस्थित डॉक्टरों ने कोर्ट को बताया कि आरटी पीसीआर मशीन से मौजूदा समय में करीब 1100 टेस्ट किए जा रहे हैं इसकी क्षमता को बढ़ाने के लिए बहुत जल्द आर एन ए ट्रैकर मशीन लाई जा रही है जिससे कि टेस्ट की क्षमता 400 से 500 तक बढ़ जाएगी।

यह मशीन 1 सप्ताह में प्रयागराज में उपलब्ध होगी। बताया गया कि मौजूदा समय में 6000 रैपिड टेस्टिंग किट उपलब्ध है या 25 जून को मिली 5000 के अलावा है तथा 1 सप्ताह में 4000 किट और आनी है । बताया गया कमला नेहरू, नाज़रेथ, कृति सकेनिंग सेण्टर, जीव ज्योति और अन्य \nट्रू नॉट मशीन लगाने पर विचार कर रहे हैं जो कि मरीजों के इलाज के लिए एक आवश्यक मशीन है।

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इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : फाइल फोटो

कोर्ट ने अगली तारीख पर बताने के लिए कहा है की प्लाज्मा ट्रीटमेंट कि जिले में क्या व्यवस्था है कोर्ट ने सरकार से कोरोना मरीजों का इलाज प्राइवेट अस्पतालों में कराने तथा होम क्वॉरेंटाइन को लेकर अपनी नीति बताने का निर्देश दिया है इसके अलावा को कॉबस 8800 मशीन के बारे में भी केंद्र सरकार के वकीलों ने बताया कि इस संबंध में आईसीएमआर ने मेडिकल कालेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग से संपर्क किया है उनको बताया गया कि मशीन लगाने के लिए उपयुक्त बिल्डिंग अन्य व्यवस्था करने में 7 से 8 सप्ताह का समय लगेगा।

मशीन लगाने के बाद इसे कार्य करने में 2 सप्ताह का समय और चाहिए होगा नगर आयुक्त रवि रंजन ने कोर्ट को बताया कि फुटपाथ पर अतिक्रमण की वजह से संक्रमण की दर तेजी से बढ़ रही है अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम 13 से 29 जुलाई तक विशेष अभियान चला रहा है कोर्ट ने कहा कि मोहल्ला कमेटियों को और सक्रिय किया जाए ताकि जिन लोगों को इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण है उनके बारे में जानकारी मिल सके ।

हेल्पलाइन नंबरों को पब्लिश करने का निर्देश दिया है तथा सरकार से कहा है कि वह अपने कार्यालयों में कंप्यूटराइजेशन की व्यवस्था दुरुस्त करें ताकि, ज्यादा से ज्यादा काम वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हो सके । बीएसएनएल और दूसरों को भी अपने व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कहा है ताकि मजबूत नेटवर्क प्रदान किया जा सके। नगर निगम में उपयोग किए गए मास्क के निस्तारण के बारे में जानकारी कोर्ट ने नगर निगम को मास्क के उचित निस्तारण का निर्देश दिया है मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी।

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