हाईकोर्ट : हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे महिला सहित दो आरोपी बरी
कोर्ट ने कहा कि गवाहों के अनुसार शव के पास कोई सबूत नहीं मिला। शव से दो सौ मीटर की दूरी पर खाली कारतूस मिले थे, जिन्हें जांच अधिकारी द्वारा बरामद किया था।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलीगढ़ के गांधीपार्क इलाके में हुई युवक की हत्या के मामले में महिला सहित दो आरोपियों को सजा से मुक्त कर दिया है। कोर्ट ने मामले में निचली अदालत के फैसले को रद्द करते हुए आरोपियों को रिहा करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरविंद कुमार मिश्र और न्यायमूर्ति विकास बुधवार की खंडपीठ ने दो याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया है।
कोर्ट ने कहा कि गवाहों के अनुसार शव के पास कोई सबूत नहीं मिला। शव से दो सौ मीटर की दूरी पर खाली कारतूस मिले थे, जिन्हें जांच अधिकारी द्वारा बरामद किया था। साथ ही घटना की निरंतरता और सुसंगतता पर संदेह है। कोर्ट ने कहा कि मामले में निचली अदालत द्वारा ठीक से विचार नहीं किया गया।
अलीगढ़ में गांधीपार्क थाने का है मामला
अलीगढ़ जिले के गांधीपार्क थाने में इंद्रभान सिंह सैनी की ओर से चार जनवरी 2016 को भाई नरेंद्र सैनी की हत्या में चार लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई थी। उसका आरोप था कि उसका भाई नरेंद्र अपने घर के सामने खड़ा था। तभी पिंकू उर्फ जितेंद्र, सोनू, मोनू मौके पर पहुंचे और पिंकू ने उसके भाई को मारने के इरादे से लाइसेंसी राइफल से गोली चला दी।
पिंकू की मां ईश्वरी देवी ने अपने पुत्रों को गोली चलाने के लिए उकसाया। मामले में निचली अदालत ने सुनवाई करते हुए चारों को घटना का दोषी पाया और आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये की सजा सुनाई।
पिंकू को आर्म्स एक्ट के तहत तीन साल का कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की अतिरिक्त सजा सुनाई थी। पिंकू और ईश्वरी देवी ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी। कोर्ट ने अपने आदेश में साक्ष्यों की संदिग्धता के आधार पर आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।