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हाईकोर्ट : एडिशनल कमिश्नर के आदेश पर कोर्ट ने लगाई रोक, कैविएट पर सुने बिना दिया था आदेश
Fri, 06 Sep 2024 11:53 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 06 Sep 2024 11:53 AM IST
सार
मामले में याची का आरोप है कि विपक्षियों ने फर्जीवाड़ा कर उनकी जमीन के कागजात पर अपना नाम दर्ज करा लिया है। एसडीएम फूलपुर ने सुनवाई करते हुए याचियों के दावे को सही पाया और विपक्षियों का नाम हटाने का आदेश दिया। इस पर याचियों ने कैविएट दाखिल कर अनुरोध किया कि विपक्षी अपील दाखिल करते हैं तो उन्हें भी सुना जाए।
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अदालत(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज के एडिशनल कमिश्नर पुष्प राज सिंह के एकपक्षीय आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही 10 दिन के अंदर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने शिव संतोष पांडेय व चार अन्य की याचिका पर दिया। अधिवक्ता सौरभ त्रिपाठी की ओर से कैविएट दाखिल कर रखी है।
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मामले में याची का आरोप है कि विपक्षियों ने फर्जीवाड़ा कर उनकी जमीन के कागजात पर अपना नाम दर्ज करा लिया है। एसडीएम फूलपुर ने सुनवाई करते हुए याचियों के दावे को सही पाया और विपक्षियों का नाम हटाने का आदेश दिया। इस पर याचियों ने कैविएट दाखिल कर अनुरोध किया कि विपक्षी अपील दाखिल करते हैं तो उन्हें भी सुना जाए।
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एडिशनल कमिश्नर ने एसडीएम के आदेश के खिलाफ दाखिल अपील पर सुनवाई करते हुए तीन अगस्त 2024 को स्थगन आदेश पारित कर दिया। साथ ही याचियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। कैविएट दाखिल होने के बाद भी याचियों का कहना है कि उनका पक्ष नहीं सुना गया। यह न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है।
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