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High Court : प्रबंधन समिति के प्रस्ताव के बिना निलंबन मंजूर नहीं, कोर्ट ने मामला फिर डीआईओएस के पास भेजा
Wed, 22 Apr 2026 11:45 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 22 Apr 2026 11:45 AM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी शिक्षण संस्थान में कर्मचारी/प्राचार्य को निलंबित करने का अधिकार केवल प्रबंधक (मैनेजर) को व्यक्तिगत रूप से नहीं है, बल्कि इसके लिए प्रबंधन समिति का विधिवत प्रस्ताव आवश्यक है।
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अदालत का फैसला।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी शिक्षण संस्थान में कर्मचारी/प्राचार्य को निलंबित करने का अधिकार केवल प्रबंधक (मैनेजर) को व्यक्तिगत रूप से नहीं है, बल्कि इसके लिए प्रबंधन समिति का विधिवत प्रस्ताव आवश्यक है। यह आदेश न्यायमूर्ति दिनेश पाठक की एकल पीठ ने राजीव कुमार द्विवेदी की याचिका पर दिया है।
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मऊ के रानीपुर क्षेत्र में स्थित जनता इंटर कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य राजीव कुमार द्विवेदी को 15 जनवरी 2026 को प्रबंधक की ओर से निलंबित कर दिया गया था। निलंबन को जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) ने सात मार्च 2026 को मंजूरी दे दी थी।
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याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि प्रबंधक ने अपने व्यक्तिगत स्तर पर निलंबन आदेश जारी किया। इसके लिए प्रबंधन समिति का कोई प्रस्ताव नहीं था। ऐसे में डीआईओएस की ओर से दी गई मंजूरी अवैध है। विपक्षी की ओर से दलील दी गई कि प्रबंधन समिति ने 15 जनवरी 2026 को प्रस्ताव पारित किया था। उक्त प्रस्ताव को निलंबन आदेश के साथ डीआईओएस को भेजा गया था।
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कोर्ट ने डीआईओएस की ओर से सात मार्च 2026 को दिया गया निलंबन आदेश रद्द कर दिया। साथ ही मामले को पुन: डीआईओएस के पास भेजते हुए निर्देश दिया कि यदि प्रबंधन समिति का कोई प्रस्ताव उपलब्ध हो तो एक महीने के भीतर नया आदेश पारित करें। साथ ही कोर्ट ने दोनों पक्षों को निर्देश दिया कि वे 30 अप्रैल 2026 को डीआईओएस के समक्ष आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित हों।