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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court: All petitions challenging the final answer key for the 2025 Sub-Inspector recruitment dismissed

यूपी दरोगा भर्ती-2025: कोर्ट से अंतिम उत्तर कुंजी को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज, नियुक्ति का रास्ता साफ

Sun, 11 Oct 2026 08:17 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 11 Oct 2026 08:17 PM IST
सार

यूपी पुलिस में दरोगा भर्ती-2025 की अंतिम उत्तर कुंजी को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे अभ्यर्थियों को राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने अंतिम उत्तर कुंजी को चुनौती देने वाली सभी 21 याचिकाएं खारिज कर दीं। अदालत ने कहा कि भर्ती बोर्ड ने विषय विशेषज्ञों की राय पर विचार करने के बाद अंतिम उत्तर कुंजी जारी की थी, इसलिए इसमें कोई अवैधता नहीं है। इस फैसले से दरोगा और समकक्ष पदों की भर्ती प्रक्रिया में अंतिम उत्तर कुंजी को लेकर उठाई गई कानूनी चुनौती समाप्त हो गई है।

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High Court: All petitions challenging the final answer key for the 2025 Sub-Inspector recruitment dismissed
इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा और समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की अंतिम उत्तर कुंजी को चुनौती देने वाली सभी याचिकाएं खारिज कर दीं। कोर्ट ने कहा कि भर्ती बोर्ड ने विषय विशेषज्ञों की राय पर विचार करने के बाद अंतिम उत्तर कुंजी प्रकाशित की थी। इसलिए इसमें कोई अवैधता नहीं है।

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यह आदेश न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की एकल पीठ ने अलीगढ़ के श्याम सुंदर और दो अन्य सहित 21 याचिकाओं पर दिया है। दरोगा और समकक्ष पदों के 4543 रिक्त पदों के लिए 12 अगस्त 2025 को विज्ञापन जारी किया गया था। लिखित परीक्षा 14 और 15 मार्च 2026 को आयोजित की गई थी। 23 मार्च को प्रारंभिक उत्तर कुंजी जारी कर अभ्यर्थियों से आपत्तियां मांगी गई थीं। मई 2026 को अंतिम उत्तर कुंजी प्रकाशित की गई थी। इसी दिन लिखित परीक्षा का परिणाम भी घोषित किया गया था।

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14 जुलाई को आया था अंतिम परिणाम

भर्ती का अंतिम परिणाम 14 जुलाई को घोषित किया गया था। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी किए जाने थे, लेकिन अंतिम उत्तर कुंजी को चुनौती देते हुए अभ्यर्थियों ने याचिका दायर कर दी। इससे कोर्ट ने 30 सितंबर 2026 को नियुक्ति पत्र वितरण पर रोक लगा दी थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि अंतिम उत्तर कुंजी विशेषज्ञों की राय और बोर्ड की समिति के विचार-विमर्श के बाद तैयार की गई थी। इस पर कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से पूछा कि क्या बोर्ड ने दुर्भावनापूर्ण पक्षपात या अनुचित तरीके से यह निर्णय लिया था? इस संबंध में याचिकाकर्ता कोर्ट के समक्ष कोई ठोस आरोप या सबूत नहीं रख सके।

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अंतिम निर्णय का अधिकार परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था का : कोर्ट

कोर्ट ने कहा कि किसी प्रश्न के उत्तर को लेकर अलग-अलग विशेषज्ञों की राय में अंतर हो सकता है। ऐसी स्थिति में सभी विशेषज्ञों की राय पर विचार करने के बाद अंतिम निर्णय लेने का अधिकार परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था का है। अंतिम उत्तर कुंजी जारी होने के बाद दोबारा आपत्तियां मांगने की व्यवस्था को कोर्ट ने निराधार बताया। कोर्ट के अनुसार यदि हर बार नई आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी तो परिणाम को अंतिम रूप देना संभव नहीं होगा। इसी आधार पर कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया और अपनाई गई चयन प्रक्रिया में कोई अवैधता नहीं पाई और सभी याचिकाएं खारिज कर दीं।

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