फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court suspends suspension of eight policemen

यूपी : हाईकोर्ट ने आठ पुलिसकर्मियों का निलंबन किया निरस्त, विजय मिश्र के बयानबाजी मामले में हुई थी कार्रवाई

Mon, 19 Sep 2022 08:20 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 19 Sep 2022 08:20 PM IST
सार

मामले में एसपी मिर्जापुर ने पुलिस इंस्पेक्टर समेत सभी आठ पुलिसकर्मियों को पांच अगस्त 2022 को उत्तर प्रदेश अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों को (दंड एवं अपील नियमावली) 1991 के नियम 17 (1) के प्रावधानों के अंतर्गत निलंबित कर दिया था।

विज्ञापन
High Court suspends suspension of eight policemen
allahabad high court - फोटो : social media

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पांच अगस्त को आगरा से मिर्जापुर कचहरी में पेशी के दौरान माफिया विजय मिश्रा की ओर से प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर तथा अन्य के खिलाफ  दिए गए अनर्गल बयान को लेकर सुरक्षा ड्यूटी में लगे आठ पुलिसकर्मियों के निलंबन को निरस्त कर दिया है। हाईकोर्ट ने आरोपों को लेकर पुलिसकर्मियों के खिलाफ बगैर विभागीय जांच बिठाए निलंबित करने को आश्चर्यजनक करार दिया है।

विज्ञापन


मामले में एसपी मिर्जापुर ने पुलिस इंस्पेक्टर समेत सभी आठ पुलिसकर्मियों को पांच अगस्त 2022 को उत्तर प्रदेश अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों को (दंड एवं अपील नियमावली) 1991 के नियम 17 (1) के प्रावधानों के अंतर्गत निलंबित कर दिया था। साथ ही सभी निलंबित पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन मिर्जापुर से संबद्ध कर दिया गया था। यह आदेश न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान ने पुलिस इंस्पेक्टर अभय नारायण तिवारी तथा अन्य पुलिसकर्मियों की याचिका को मंजूर करते हुए पारित किया।

विज्ञापन

इन सभी पुलिसकर्मियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विजय गौतम तथा सहयोगी अधिवक्ता अतिप्रिया गौतम का तर्क था कि निलंबन आदेश पारित करते समय पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन के लिए पर्याप्त साक्ष्य होने चाहिए। कहा गया था कि अधिकारी के पास कोई ऐसा साक्ष्य अथवा तथ्य नहीं था जिसके आधार पर आठ पुलिसकर्मियों का निलंबन किया जा सके।

अधिवक्ता का तर्क था कि निलंबन आदेश आनन-फानन में बगैर नियम तथा कानून का पालन किए पारित किया गया है। पांच अगस्त को एसपी मिर्जापुर ने सभी आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया और उसी दिन एएसपी यातायात डॉ.अरुण कुमार सिंह को सात दिनों के अंदर प्रारंभिक जांच करके रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। इससे स्पष्ट था कि निलंबन आदेश पारित करते समय कोई साक्ष्य नहीं था।

मामले के अनुसार सभी आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ आरोप था कि माफिया विजय मिश्रा की पांच अगस्त 2022 को एसीजेएम प्रथम मिर्जापुर के यहां पेशी थी। विजय को आगरा पुलिस की सुरक्षा में मिर्जापुर लाया गया था। परंतु, मिर्जापुर की कोर्ट में तैनात पुलिस अधिकारियों को इसकी सूचना नहीं दी गई थी। परिणामस्वरूप कोर्ट से लौटते समय माफिया विजय मिश्रा की ओर से पुलिस अभिरक्षा में रहते हुए अनर्गल बयानबाजी की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई गई तथा एडीजी लॉ एंड ऑर्डर तथा प्रदेश के अन्य नेताओं के खिलाफ भी बयानबाजी की गई।

माफिया विजय मिश्रा के इस कार्य से अफरा-तफरी मचने के साथ ही कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हो गई थी। घटना को लेकर मौके पर तैनात एक पुलिस इंस्पेक्टर, दो दरोगा, दो हेड कांस्टेबल, व तीन सिपाहियों को कर्तव्य पालन में लापरवाही, उदासीनता एवं शिथिलता के आरोप में एसपी मिर्जापुर ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था, जिसे याचिका में चुनौती दी गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed