फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court strict on taking bribe from the victim, said- Inspector is criminal of the society

High Court : पीड़िता से घूस लेने पर हाईकोर्ट सख्त, कहा- दरोगा समाज का अपराधी, कार्रवाई जरूरी

Thu, 13 Apr 2023 11:00 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 13 Apr 2023 11:00 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अदालत में पेशी के नाम पर पीड़िता से साढ़े पांच हजार घूस लेने वाले गाजियाबाद कोतवाली के दरोगा विभोर कुमार सिंह को 19 अप्रैल को हाजिर करने का पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है और दरोगा से उस पर लगे आरोपों का हलफनामा दाखिल कर सफाई मांगी है।

विज्ञापन
High Court strict on taking bribe from the victim, said- Inspector is criminal of the society
allahabad high court - फोटो : social media

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अदालत में पेशी के नाम पर पीड़िता से साढ़े पांच हजार घूस लेने वाले गाजियाबाद कोतवाली के दरोगा विभोर कुमार सिंह को 19 अप्रैल को हाजिर करने का पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है और दरोगा से उस पर लगे आरोपों का हलफनामा दाखिल कर सफाई मांगी है। साथ ही पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि वह दरोगा व परिवार की संपत्ति का पता करें।

विज्ञापन


देखें की उनकी जीविका का स्रोत क्या है। डीसीपी रैंक के पुलिस अधिकारी का ब्योरा के साथ हलफनामा दाखिल करे। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने राजेश कुमार की याचिका पर दिया है, जिसमें अपर प्रमुख न्यायाधीश परिवार अदालत गाजियाबाद के याची को अपनी पत्नी को हर महीने दो हजार रुपये गुजारा भत्ता देने के आदेश को चुनौती दी गई थी।

विज्ञापन

दरोगा समाज का अपराधी, कार्रवाई जरूरी
कोर्ट ने कहा दरोगा ने यूपीआई के माध्यम से घूस ली। वह समाज का अपराधी बन गया है। उस पर कार्रवाई की जानी चाहिए। लोगों को संरक्षण देने की जिस पर जिम्मेदारी है, वही जन विश्वास में गिरावट ला रहा है। यह अमानवीय आचरण है।

कोर्ट ने याची की टेलरिंग से कमाई कोविड के दौरान बीमारी के कारण बंद होने और कुछ कमरे के किराये से अपने दो बच्चों सहित पालन करने से दो हजार देने में असमर्थता प्रकट करने पर उसे एक हजार रुपये प्रतिमाह अपनी पत्नी को देने का निर्देश दिया तथा बकाये की वसूली पर रोक लगा दी।

कहा है कि पालन नहीं किया तो अंतरिम राहत समाप्त हो जाएगी। इससे पहले कोर्ट ने याची (पति) को बच्चों सहित तलब किया था। विपक्षी पत्नी को भी बुलाया था। याची अपने बेटे-बेटी के साथ आया। विपक्षी पत्नी भी अपने भाई के साथ आई। कोर्ट ने समझाने की नाकाम कोशिश की। नतीजा नहीं निकला तो यह अंतरिम आदेश दिया है।

विपक्षी पत्नी के वकील ने कोर्ट को बताया कि उसके मुवक्किल को पुलिस परेशान कर रही है। अदालत में पेशी के नाम पर घूस मांगी। साढ़े पांच हजार का भुगतान किया गया है। जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया और पुलिस कमिश्नर को दरोगा को हाजिर करने का निर्देश दिया है। सुनवाई 19 अप्रैल को होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed