{"_id":"5bdb8274bdec2269503609dc","slug":"high-court-strict-on-political-pension-of-criminals","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपराधियों को राजनीतिक पेंशन पर हाईकोर्ट सख्त, पूछा ऐसे कितने लोगों को दी जा रही पेंशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपराधियों को राजनीतिक पेंशन पर हाईकोर्ट सख्त, पूछा ऐसे कितने लोगों को दी जा रही पेंशन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Updated Fri, 02 Nov 2018 04:17 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गंभीर अपराधों में लिप्त लोगों को राजनीतिक पेंशन दिए जाने के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया है। प्रदेश सरकार से पूछा है कि सूबे में ऐसे कितने लोग हैं, जो आपराधिक छवि के हैं और सरकारी खजाने से पेंशन पा रहे हैं।
कोर्ट ने याचिका में पक्षकार बनाए गए कुछ ऐसे लोगों को नोटिस भी जारी किया है, जिन पर आरोप हैं। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने डीएम पीलीभीत को मामले की जांच कर अपना व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट का कहना था कि गंभीर आपराधिक मामले में सजायाफ्ता लोगों को लोकतंत्र सेनानी या दूसरी कोई राजनीतिक पेंशन देना अनुचित है। पीलीभीत के अशोक कुमार शमसा और 21 अन्य लोगों की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर न्यायमूर्ति एपी साही और न्यायमूर्ति अजीत कुमार की पीठ सुनवाई कर रही है।
विज्ञापन
याचिका में कहा गया कि पीलीभीत में कई ऐसे लोग हैं, जिनको राजनीतिक पेंशन दी जा रही है मगर वे गंभीर आपराधिक मुकदमों में सजा पा चुके हैं। कोर्ट ने ऐसे लोगों को भी नोटिस जारी कर पूछा है कि वे कितने मामलों में सजायाफ्ता हैं। याचिका पर छह सप्ताह के बाद सुनवाई होगी।
विज्ञापन
कोर्ट ने याचिका में पक्षकार बनाए गए कुछ ऐसे लोगों को नोटिस भी जारी किया है, जिन पर आरोप हैं। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने डीएम पीलीभीत को मामले की जांच कर अपना व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
कोर्ट का कहना था कि गंभीर आपराधिक मामले में सजायाफ्ता लोगों को लोकतंत्र सेनानी या दूसरी कोई राजनीतिक पेंशन देना अनुचित है। पीलीभीत के अशोक कुमार शमसा और 21 अन्य लोगों की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर न्यायमूर्ति एपी साही और न्यायमूर्ति अजीत कुमार की पीठ सुनवाई कर रही है।
विज्ञापन
याचिका में कहा गया कि पीलीभीत में कई ऐसे लोग हैं, जिनको राजनीतिक पेंशन दी जा रही है मगर वे गंभीर आपराधिक मुकदमों में सजा पा चुके हैं। कोर्ट ने ऐसे लोगों को भी नोटिस जारी कर पूछा है कि वे कितने मामलों में सजायाफ्ता हैं। याचिका पर छह सप्ताह के बाद सुनवाई होगी।