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दूषित पेयजल आपूर्ति पर हाईकोर्ट सख्त
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 10 May 2016 02:22 AM IST
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शहर के तमाम इलाकों में दूषित पेयजल आपूर्ति को लेकर हाईकोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। नगर आयुक्त और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया है कि दो सप्ताह के भीतर खुसरोबाग स्थित सयंत्र और पाइप लाइनों की जांच कराकर कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल करें। कोर्ट जल निगम के अभियंता की ओर से पानी के शोधन को लेकर दी गई जानकारी से संतुष्ट नहीं थी। अदालत को मानना था कि स्वच्छ पेयजल प्राप्त करना नागरिकों का अधिकार है। कोर्ट ने इस मामले में नगर आयुक्त को ग्राउंड वाटर रिसर्च इंस्टीट्यूट की मदद लेने का निर्देश दिया है।
लायंस क्लब की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने दिया। कोर्ट के आदेश से नगर आयुक्त शेषमणि पांडेय और जलनिगम के महाप्रबंधक अनिल स्वामी अदालत में उपस्थित थे। दोनों को अगली सुनवाई पर हाजिरी से छूट दे दी गई है। याचिका मेें शहर में शुद्ध पेयजल की सप्लाई, गर्मी के मौसम को देखते प्याऊ लगाने आदि की मांग की गई थी। याची का कहना था कि पुराने शहर के तमाम इलाकों में दूषित पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। जिससे लोगाें की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। खुसरोबाग स्थित स्टेशन से सप्लाई होने वाले पानी की सफाई सही तरीके से नहीं होती है। इसकी टंकी भी साफ नहीं है। जल संस्थान के इंजीनियर की ओर से इस बारे में हलफनामा दिया गया मगर कोर्ट उसमें दी गई जानकारियों से संतुष्ट नहीं थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को खुसरोबाग संयत्र की जांच करने का निर्देश दिया है।
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लायंस क्लब की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने दिया। कोर्ट के आदेश से नगर आयुक्त शेषमणि पांडेय और जलनिगम के महाप्रबंधक अनिल स्वामी अदालत में उपस्थित थे। दोनों को अगली सुनवाई पर हाजिरी से छूट दे दी गई है। याचिका मेें शहर में शुद्ध पेयजल की सप्लाई, गर्मी के मौसम को देखते प्याऊ लगाने आदि की मांग की गई थी। याची का कहना था कि पुराने शहर के तमाम इलाकों में दूषित पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। जिससे लोगाें की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। खुसरोबाग स्थित स्टेशन से सप्लाई होने वाले पानी की सफाई सही तरीके से नहीं होती है। इसकी टंकी भी साफ नहीं है। जल संस्थान के इंजीनियर की ओर से इस बारे में हलफनामा दिया गया मगर कोर्ट उसमें दी गई जानकारियों से संतुष्ट नहीं थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को खुसरोबाग संयत्र की जांच करने का निर्देश दिया है।
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