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High Court : हाईकोर्ट ने पुलिसकर्मी से अधिक भुगतान की वसूली आदेश पर लगाई रोक, राज्य सरकार से मांगा जवाब
Fri, 30 May 2025 12:43 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 30 May 2025 12:43 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गलत वेतन निर्धारण के मामले में पुलिसकर्मी क्लर्क के वेतन से वसूली पर रोक लगा दी है। साथ ही राज्य सरकार से याचिका पर चार हफ्ते में जवाब मांगा है। अगली सुनवाई पांच अगस्त तय की है।
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अदालत का फैसला।
- फोटो : adobe stock
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गलत वेतन निर्धारण के मामले में पुलिसकर्मी क्लर्क के वेतन से वसूली पर रोक लगा दी है। साथ ही राज्य सरकार से याचिका पर चार हफ्ते में जवाब मांगा है। अगली सुनवाई पांच अगस्त तय की है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार की एकलपीठ ने सहारनपुर के कुलतार सिंह राठी की याचिका पर दिया है। याची वर्तमान में एसपी कार्यालय हापुड़ में तैनात है। जब वह सहारनपुर में कार्यरत था तो एक पुलिसकर्मी को छठा वेतनमान देने में गलती की। गलत वेतन निर्धारण के कारण एक कर्मचारी को अधिक वेतना जारी हो गया। अधिक वेतन पाने वाला कर्मचारी सेवानिवृत्त हो गया है। ऐसे में उससे वसूली नहीं की जा सकती। इस पर विभाग ने प्रारंभिक जांच में याची को दोषी करार देते हुए उसके वेतन से दो लाख 73 हजार 473 रुपये की वसूली का आदेश दिया। याची ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी।
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याची अधिवक्ता ने दलील दी कि वेतनमान का निर्धारण अधिकारियों के अनुमोदन पर होता है तो उसे ही दोषी मानना उचित नहीं है। बिना विभागीय जांच में दोषी पाए दूसरे कर्मचारी को गलत वेतनमान निर्धारण से अधिक भुगतान की केवल उससे वसूली नहीं की जा सकती। कोर्ट ने मुद्दा विचारणीय मानते हुए वसूली पर रोक लगाकर सरकार से जवाब मांगा है।
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