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High Court : कर्मचारी की मौत मामले में अंतिम आदेश तक गिरफ्तारी पर रोक
Mon, 20 Apr 2026 04:40 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 20 Apr 2026 04:40 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कर्मचारी की मौत के दो साल बाद दर्ज कराई गई प्राथमिकी पर आरोपी राजन गुप्ता उर्फ विदुप अग्रहरी की गिरफ्तारी पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है।
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अदालत
- फोटो : ANI
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कर्मचारी की मौत के दो साल बाद दर्ज कराई गई प्राथमिकी पर आरोपी राजन गुप्ता उर्फ विदुप अग्रहरी की गिरफ्तारी पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने दिया है।
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याची की फैक्टरी में काम करने वाले कर्मचारी की अचानक तबीयत खराब हो गई थी। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई थी। उस समय पिता ने कर्मचारी मुआवजा अधिनियम-1923 के तहत मुआवजा स्वीकार किया था। घटना के दो साल बाद तीन सितंबर 2025 को बीएनएसएस की धारा-173(4) के तहत एक आवेदन देकर आरोप लगाया गया कि कर्मचारी की हत्या की गई थी। इसके बाद पुलिस ने गैर इरादतन हत्या के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की तो याची ने उसे रद्द करने व गिरफ्तारी पर रोक को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
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याची के वरिष्ठ अधिवक्ता दिलीप कुमार व सुधांशु कुमार ने दलील दी कि दो साल तक अप्राकृतिक मृत्यु का कोई आरोप नहीं लगाया गया था। अब यह प्राथमिकी केवल रुपये वसूलने और आपराधिक कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने के उद्देश्य से दर्ज कराई गई है। कोर्ट ने गौर किया कि मुआवजे की स्वीकृति और लंबी अवधि के बाद रिपोर्ट दर्ज कराना मामले को संदिग्ध बनाता है। चार मई को मामले की सुनवाई होगी।
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