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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court said: It is necessary to make the new license holder a party in the petition filed against the canc

हाईकोर्ट ने कहा : निरस्त दुकान केखिलाफ दाखिल याचिका में नए लाइसेंस धारी को पक्षकार बनाना जरूरी

Fri, 29 Aug 2025 05:12 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 29 Aug 2025 05:12 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि सस्ते गल्ले की दुकान का लाइसेंस निरस्त करने के खिलाफ दाखिल याचिका में नए लाइसेंस धारक को पक्षकार बनाना जरूरी है। नए लाइसेंस धारक को निरस्तीकरण के आदेश का बचाव करने के लिए पक्ष रखने का अधिकार है।

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High Court said: It is necessary to make the new license holder a party in the petition filed against the canc
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि सस्ते गल्ले की दुकान का लाइसेंस निरस्त करने के खिलाफ दाखिल याचिका में नए लाइसेंस धारक को पक्षकार बनाना जरूरी है। नए लाइसेंस धारक को निरस्तीकरण के आदेश का बचाव करने के लिए पक्ष रखने का अधिकार है। यह टिप्पणी करते हुए खंडपीठ ने एकलपीठ के अपीलार्थी को पक्षकार बनाए बगैर पारित आदेश को रद्द कर दिया है।

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अपीलार्थी को याचिका में पक्षकार बनाकर गुण-दोष पर सुनवाई के लिए प्रकरण एकलपीठ को वापस कर दिया है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली व न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने हीरामणि यादव की विशेष अपील को स्वीकार करते हुए दिया है।
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जौनपुर के केराकत एसडीएम ने सस्ते गल्ले की दुकान का लाइसेंस 2020 में निरस्त कर दिया। वहीं, 2021में एकता स्वयं सहायता समूह को अध्यक्ष के मार्फत आवंटित कर दिया गया। लाइसेंस निरस्त करने को चुनौती दी गई। इसमें नए लाइसेंस धारक को पक्षकार नहीं बनाया गया। वहीं, एकलपीठ ने याचिका स्वीकार कर ली। इस आदेश को हाईकोर्ट में अपील के माध्यम से चुनौती दी गई।

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अपीलार्थी का कहना था कि याची की दुकान निरस्त कर उसे आवंटित किया गया है। ऐसे में याची के पक्ष में आदेश होता है तो उसका हित प्रभावित होगा। इसलिए वह जरूरी पक्षकार है। उसे सुनकर ही निरस्तीकरण पर फैसला लेना चाहिए। खंडपीठ ने अपीलार्थी के तर्क में बल पाते हुए उसे पक्षकार बनाकर याचिका की नए सिरे से सुनवाई करने का आदेश दिया है। 
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