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UP : अर्हता स्पष्ट न होने पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- भर्तियों के मामले में UPPSC दे सटीक योग्यता विवरण

Thu, 24 Aug 2023 12:21 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 24 Aug 2023 12:21 PM IST
सार

आयोग ने प्रवक्ता पद पर भर्ती के लिए जून 2021 में विज्ञापन निकाला था। याची ने रसायन विज्ञान विषय से प्रवक्ता पद के लिए आवेदन किया और वह प्रारंभिक परीक्षा में क्वालिफाई कर गया। इसके बाद मुख्य परीक्षा में शामिल हुआ लेकिन उसका परिणाम नहीं आया। इस पर याची ने पत्र व्यवहार कर जानकारी मांगी। इसके बावजूद परिणाम सामने नहीं आया।

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High Court's strict comment on the eligibility not being clear, said- UPPSC should give accurate qualification
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग (यूपीपीएससी) की भर्तियों के मामले में गंभीर टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा है कि भर्तियों के मामले में आयोग को विशिष्ट होना चाहिए। इस संबंध में आवश्यक सटीक योग्यता का स्पष्ट विवरण देना चाहिए। कोर्ट ने अपने आदेश में इस संबंध में उचित कार्रवाई करने को भी कहा है। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति विकास बुधवार ने विरेंद्र कुमार शुक्ला की याचिका को खारिज करते हुए की।

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मामले में आयोग ने प्रवक्ता पद पर भर्ती के लिए जून 2021 में विज्ञापन निकाला था। याची ने रसायन विज्ञान विषय से प्रवक्ता पद के लिए आवेदन किया और वह प्रारंभिक परीक्षा में क्वालिफाई कर गया। इसके बाद मुख्य परीक्षा में शामिल हुआ लेकिन उसका परिणाम नहीं आया। इस पर याची ने पत्र व्यवहार कर जानकारी मांगी। इसके बावजूद परिणाम सामने नहीं आया। इस पर याची ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। कोर्ट ने आयोग को चयनित न होने वाले याची सहित अन्य 11 अभ्यर्थियों को नए सिरे जानकारी मुहैया कराने का निर्देश दिया।

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परिणाम को हाईकोर्ट में दी गई थी चुनौती

इस पर आयोग की ओर से जानकारी दी गई कि वह चयन योग्य नहीं है। याची ने आयोग के परिणाम को चुनौती दी। याची के अधिवक्ता ने तर्क दिया है कि याची का चयन न करना सही नहीं है। आयोग ने गलती की है। उसका यह निर्णय गलत धारणा पर है। याची फार्मास्युटिकल रसायन से परास्नातक है। जबकि, आयोग के अधिवक्ता बीके सिंह रघुवंशी ने इसका विरोध किया।

कहा कि चयन के लिए शैक्षिक योग्यता एक आवश्यक प्रावधान है। अभ्यर्थी के पास रसायन विज्ञान प्रवक्ता पद के लिए इस विषय में प्रासंगिक डिग्री होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि याची का स्ट्रीम मुख्य विषय से संबंधित है या नहीं, यह आयोग द्वारा ही निर्धारित किया जाना है। हालांकि, याची के वकीलों का कहना है कि याची फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री में परास्नातक है, जो रसायन विज्ञान विषय का हिस्सा है।

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