हाईकोर्ट का आदेश : बेदखली से बेघर परिवार को दीपावली तक आश्रय दे सरकार
यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमसेरी की अदालत ने नैनी के महेंद्र सिंह की ओर से दाखिल याचिका पर दिया है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान अदालत में पेश प्रयागराज के डीएम रविंद्र कुमार मंदर और पुलिस आयुक्त तरुण गाबा को अगली तारीख तक खुद मामले की निगरानी करते हुए विवादित भूमि को सील रखने का आदेश दिया है।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिका लंबित रहने के दौरान प्रशासन की बेदखली की कार्रवाई की वजह से बेघर परिवार को दीपावली मानने के लिए अस्थायी आश्रय देने का आदेश दिया है। साथ ही खफा कोर्ट ने करछना के एसडीएम व नैनी के थाना प्रभारी नैनी को छह नवंबर को अदालत में तलब कर पूछा है कि यथास्थिति के आदेश के बावजूद बेदखली की कार्रवाई कैसे की गई।
यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमसेरी की अदालत ने नैनी के महेंद्र सिंह की ओर से दाखिल याचिका पर दिया है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान अदालत में पेश प्रयागराज के डीएम रविंद्र कुमार मंदर और पुलिस आयुक्त तरुण गाबा को अगली तारीख तक खुद मामले की निगरानी करते हुए विवादित भूमि को सील रखने का आदेश दिया है।
अधिवक्ता आशीष कुमार श्रीवास्तव ने दलील दी कि याची और विपक्षी के बीच रिहायशी भूमि को लेकर याचिका लंबित है। अदालत ने मामले में यथास्थिति का आदेश पारित किया है। याची उस विवादित भूमि पर सपरिवार निवास कर रहा था। लेकिन, बिना किसी अदालती आदेश के प्रशासनिक अधिकारियों ने उसको भूमि से बेदखल कर दिया। इससे उसका परिवार बेघर होकर सड़क पर रहने के लिए मजबूर है।
अदालत ने दीपावली के मद्देनजर मामले की त्वरित सुनवाई करते हुए प्रयागराज के डीएम और पुलिस आयुक्त को जवाब संग तलब किया था। अदालत में पेश अधिकारियों ने यह स्वीकार किया कि यथास्थिति बरकरार रखने के आदेश के बावजूद बेदखली की कार्रवाई की गई है। लिहाजा, कोर्ट ने मानवीय दृष्टिकोण के साथ याची को राहत दी।
दीपावली मानने के लिए डीएम और पुलिस आयुक्त को बेघर हुए परिवार को अस्थायी आश्रय प्रदान करने का आदेश दिया है। कहा कि दीपावली की छुट्टियों के दौरान वह खुद मामले की निगरानी करेंगे। साथ ही कोर्ट ने अगली तारीख तक विवादित भूमि को सील रखने का आदेश भी दिया है।