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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court: Relief from the court on the demolition notice in Sambhal, 12 petitioners have one week

High Court : संभल में ध्वस्तीकरण नोटिस पर कोर्ट से राहत, 12 याचिकाकर्ताओं को जवाब के लिए एक हफ्ते का समय

Fri, 16 Jan 2026 06:26 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 16 Jan 2026 06:26 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल जिले में अवैध निर्माण और कब्जे को लेकर प्रशासन की ओर से जारी नोटिस के मामले में याचिकाकर्ताओं को आंशिक राहत देते हुए एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने का वक्त दिया है।

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High Court: Relief from the court on the demolition notice in Sambhal, 12 petitioners have one week
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल जिले में अवैध निर्माण और कब्जे को लेकर प्रशासन की ओर से जारी नोटिस के मामले में याचिकाकर्ताओं को आंशिक राहत देते हुए एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने का वक्त दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति नीरज तिवारी और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने मोहम्मद नबी उर्फ मुन्ना खान समेत 14 याचियों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।

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याचिकाकर्ताओं ने संभल सदर क्षेत्र के मोहल्ला कोट स्थित अपने स्थायी निर्माणों को लेकर एक जनवरी 2026 को जारी नोटिस को चुनौती दी थी। स्थानीय प्रशासन की ओर से निर्माण को अवैध कब्जा बताते हुए ध्वस्तीकरण और बेदखली की कार्रवाई का नोटिस जारी किया गया था। याचिका में कहा गया कि बिना पर्याप्त समय दिए कार्रवाई की जा रही है। सौ साल से अधिक पुराने राजस्व अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां भी उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।

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राज्य सरकार की ओर से पेश शासकीय अधिवक्ता ने दलील दी कि कुल 14 याचिकाकर्ताओं में से केवल 12 के संबंध में ही नोटिस की प्रतियां याचिका में संलग्न हैं। जबकि, याचिकाकर्ता संख्या सात और नौ के विरुद्ध जारी नोटिस की प्रतियां दाखिल नहीं की गईं। साथ ही अब तक किसी भी याचिकाकर्ता ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है।

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याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने इन तथ्यों को स्वीकार करते हुए दलील दी कि फिलहाल वे याचिका में मांगी गई मुख्य राहतों पर जोर नहीं दे रहे हैं। बल्कि केवल इतना समय चाहते हैं कि नोटिस का जवाब दाखिल किया जा सके। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के ‘डिमोलिशन ऑफ स्ट्रक्चर्स’ संबंधी निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से पहले इस मामले में विचार किया जाए।

कोर्ट ने याचिकाकर्ता संख्या सात और नौ को छोड़कर शेष याचिकाकर्ताओं को एक सप्ताह में जवाब संबंधित प्राधिकारी के समक्ष दाखिल करने का आदेश दिया। साथ ही प्राधिकारी को निर्देश दिया कि वह जवाबों पर विचार करते समय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी अनुपालन करें। वहीं, कोर्ट ने मामले के मेरिट पर कोई निर्णय नहीं दिया है। आगे की कार्रवाई संबंधित प्राधिकारी की ओर से नियमों और तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

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