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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court: Relief for former MLA Vijay Mishra's daughter-in-law; court grants bail while staying the sentence

High Court : पूर्व विधायक विजय मिश्रा की बहू को राहत, हाईकोर्ट ने सजा पर रोक लगाते हुए की जमानत मंजूर

Fri, 26 Jun 2026 08:15 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 26 Jun 2026 08:15 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक विजय मिश्रा की बहू रूपा मिश्रा को धोखाधड़ी और साजिश के मामले में बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दोषसिद्धि के बाद सुनाई गई सजा पर रोक लगा दी है और अपील के अंतिम निस्तारण तक उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।

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High Court: Relief for former MLA Vijay Mishra's daughter-in-law; court grants bail while staying the sentence
विजय मिश्रा, पूर्व विधायक ज्ञानपुर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक विजय मिश्रा की बहू रूपा मिश्रा को धोखाधड़ी और साजिश के मामले में बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दोषसिद्धि के बाद सुनाई गई सजा पर रोक लगा दी है और अपील के अंतिम निस्तारण तक उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन की एकलपीठ ने दिया है।

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रूपा मिश्रा को भदोही की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 14 मई 2026 को धोखाधड़ी और साजिश के मामले में दोषी ठहराते हुए अधिकतम चार वर्ष की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की। वहीं उन्होंने सजा के निलंबन के लिए आवेदन दायर कर जमानत पर रिहा करने की मांग की।

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याची अधिवक्ता ने दलील दी कि याची को राजनीतिक कारणों से झूठे मुकदमे में फंसाया गया है और उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं थे। यह भी कहा गया कि वह महिला हैं, उनका कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है तथा उन्हें अधिकतम चार वर्ष की सजा मिली है। राज्य सरकार की ओर से जमानत का विरोध किया गया, लेकिन यह स्वीकार किया गया कि याची का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।

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हाईकोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट के सिद्धांत का उल्लेख किया। कहा कि निश्चित अवधि की सजा वाले मामलों में अपील के जल्द निस्तारण की संभावना नहीं है तो जमानत दी जानी चाहिए। इन आधारों पर कोर्ट ने रूपा मिश्रा की सजा पर रोक लगाते हुए उन्हें निजी मुचलके और दो जमानतदारों पर जमानत देने का आदेश दिया। साथ ही निर्देश दिया कि वह जमानत का दुरुपयोग नहीं करेंगी, नियमित रूप से अपील की सुनवाई में सहयोग करेंगी और किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं होंगी।

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