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पुलिस अभिरक्षा में मौत के आरोपी कांस्टेबल को जमानत पर रिहा करने से हाईकोर्ट ने किया इंकार

Fri, 27 Aug 2021 07:56 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 27 Aug 2021 07:56 PM IST
सार

यह आदेश न्यायमूर्ति समित गोपाल ने शहडोल के पुलिस कांस्टेबल शेर अली की अर्जी पर दिया है। वाराणसी के संजय कुमार गुप्ता ने अदालत के आदेश से शहडोल पुलिस पर अपने पिता गोरखनाथ उर्फ ओम प्रकाश गुप्ता का अपहरण कर हत्या करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई।

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High Court refuses to release on bail to constable accused of death in police custody
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस अभिरक्षा में मौत के आरोपी शहडोल, मध्य प्रदेश के पुलिस कांस्टेबल शेर अली की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा है कि पुलिस का दायित्व कानून व्यवस्था बनाए रखने का है। पुलिस अभिरक्षा में मारपीट, टार्चर के बाद मौत सभ्य समाज के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट ने भी ऐसी घटनाओं को लेकर नाराजगी जताई है। ऐसे में आरोपी की रिहाई की गई तो मुकदमे का विचारण प्रभावित हो सकता है। कोर्ट ने जमानत पर रिहा करने से इंकार कर दिया है।

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यह आदेश न्यायमूर्ति समित गोपाल ने शहडोल के पुलिस कांस्टेबल शेर अली की अर्जी पर दिया है। वाराणसी के संजय कुमार गुप्ता ने अदालत के आदेश से शहडोल पुलिस पर अपने पिता गोरखनाथ उर्फ ओम प्रकाश गुप्ता का अपहरण कर हत्या करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई। जिसमें दरोगा शंखधर द्विवेदी, शेर अली, दिग्विजय पांडेय, जगत सिंह, आर राजन, सुरेश प्रसाद अग्रवाल, महेश चंद्र अग्रवाल व कुमार गेस्ट हाउस में ठहरे एक अज्ञात व्यक्ति को आरोपित किया गया है।

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High Court refuses to release on bail to constable accused of death in police custody
allahabad high court - फोटो : social media

वाराणसी के लंका थाना में दर्ज प्राथमिकी में शहडोल पुलिस पर अपहरण कर हत्या का आरोप लगाया गया है। पुलिस घर से मृतक को पकड़कर ले गई। शिकायतकर्ता वाराणसी के थानों में पता लगाने को भटकता रहा। एसएसपी से भी शिकायत की। सुनवाई नहीं हुई। 2 मार्च 97 को फूलपुर पुलिस ने बताया कि शहडोल कोतवाली से सूचना आयी है कि ओम प्रकाश गुप्ता की मौत हो गई है। घर वाले शहडोल गए। पुलिस ने लाश वाराणसी नहीं लाने दिया। धमकी दी और वहीं अंतिम संस्कार किया गया। वहां अखबारों में पुलिस अभिरक्षा में मौत की खबर थी। 

High Court refuses to release on bail to constable accused of death in police custody
Allahabad High Court - फोटो : सोशल मीडिया
वाराणसी आने पर पुलिस को जानकारी दी। किन्तु एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो कोर्ट की शरण ली। जांच पुलिस से हटाकर  एसआईएस को सौंपी गई। जिसने 23 अक्तूबर 98 को फाइनल रिपोर्ट पेश की। शिकायतकर्ता की आपत्ति पर सीजेएम वाराणसी ने पुलिस रिपोर्ट अस्वीकार करते हुए 5 जून 2007 को अभियुक्तों को सम्मन जारी किया। हाजिर न होने पर गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया। आरोपी बचने के लिए अदालतों के चक्कर लगाते रहे। शिकायत कर्ता का आरोप है कि कोतवाली में मौत के बाद अस्पताल ले जाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोटें बतायी गई हैं। जबकि याची का कहना था कि मृतक धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, सीने में दर्द होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। नैसर्गिक मौत है।
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