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High Court : बीएचयू अस्पताल के टेंडर में गड़बड़ी पर दर्ज मुकदमे को रद्द करने से हाईकोर्ट का इन्कार
Fri, 18 Apr 2025 02:40 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 18 Apr 2025 02:40 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के सर सुंदरलाल अस्पताल के एक टेंडर मामले में दर्ज मुकदमे को रद्द करने से इन्कार कर दिया है। कोर्ट ने मुकदमे को रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग संबंधी याचिका खारिज कर दी।
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अदालत
- फोटो : ANI
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के सर सुंदरलाल अस्पताल के एक टेंडर मामले में दर्ज मुकदमे को रद्द करने से इन्कार कर दिया है। कोर्ट ने मुकदमे को रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग संबंधी याचिका खारिज कर दी। यह आदेश न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी व न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने मनोज कुमार शाह की याचिका पर दिया।
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वाराणसी के लंका थाने में 19 मार्च 2025 को बीएचयू अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. कैलाश कुमार, डॉ. एएनडी द्विवेदी, रश्मि रंजन, पल्स डायग्नोस्टिक के एमडी मनोज कुमार शाह, निदेशक सुनैना बिहानी पर धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता डॉ. उदयभान सिंह ने आरोप लगाया था कि बीएचयू अस्पताल में पीपीपी मोड पर डायग्नोस्टिक इमेजिंग सेवाओं के संचालन व अन्य कार्य के लिए जारी टेंडर में गड़बड़ी की गई है।
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पल्स डायग्नोस्टिक के एमडी मनोज कुमार शाह और निदेशक सुनैना बिहानी ने फर्जी जीएसटी नंबर का इस्तेमाल किया था। इसके बावजूद मूल्यांकन समिति ने उनके टेंडर को अप्रूव किया। मूल्यांकन समिति के अध्यक्ष प्रो. कैलाश कुमार व डॉ. एएनडी द्विवेदी तथा रश्मि रंजन कमेटी की सदस्य थीं। एसीजेएम कोर्ट के आदेश से सभी आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कराया गया। मनोज कुमार शाह ने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर दर्ज मुकदमे को रद्द करने की मांग की थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।
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