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High Court : हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी मामले में आपराधिक कार्यवाही पर लगाई अंतरिम रोक
Thu, 01 Jan 2026 06:58 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 01 Jan 2026 06:58 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुरादाबाद के सिविल लाइंस थाने में दर्ज धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज से जुड़े आपराधिक मामले की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। साथ ही विपक्षियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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अदालत का फैसला।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुरादाबाद के सिविल लाइंस थाने में दर्ज धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज से जुड़े आपराधिक मामले की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। साथ ही विपक्षियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। वहीं, आठ सप्ताह के बाद मामले को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार पचौरी ने धर्मराज उर्फ धर्मराज सिंह की अर्जी पर दिया है।
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याची के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में वर्ष-2020 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। महाराजा अग्रसेन सहकारी आवास समिति की शिकायत पर सब-रजिस्ट्रार कार्यालय के रिकॉर्ड कीपर की ओर से यह प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। दर्ज मुकदमे की कार्यवाही को रद्द करने की मांग में याची ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर की।
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याची के अधिवक्ता इम्तियाज हुसैन ने दलील दी कि प्राथमिकी झूठे और मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर केवल आवेदक को परेशान करने के लिए दर्ज की गई है। एफआईआर में लगाए गए आरोप पूरी तरह से दीवानी विवाद से संबंधित हैं, जिसे आपराधिक रंग दिया गया है। दोनों पक्षों के बीच पहले से ही एक मूल वाद लंबित है, जिसमें आवेदक के पक्ष में स्थगन आदेश प्रभावी है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामले को विचारणीय मानते हुए अगली सुनवाई तक याची के विरुद्ध संबंधित आपराधिक केस की कार्यवाही स्थगित कर दी।
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