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High Court : हाईकोर्ट ने व्यावसायिक संपत्ति की कुर्की पर लगाई रोक, यह है पूरा मामला
Sun, 10 May 2026 05:33 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 10 May 2026 05:33 PM IST
सार
भैंस चोरी के मामले में फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश रईश अहमद को पुलिस ने शनिवार देर रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से तमंचा और कारतूस बरामद किया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि लगातार कुर्की की कार्रवाई से किसी भी व्यवसाय की कार्यशील पूंजी और दैनिक संचालन पर प्रतिकूल असर पड़ता है। कोर्ट ने राजस्व विभाग की ओर से जारी कुर्की आदेश को अगली सुनवाई तक स्थगित रखने का निर्देश दिया।
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यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने गाजियाबाद के रॉयल हॉस्पिटैलिटी की ओर से दाखिल याचिका पर दिया। याची की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि विभाग के पास सीजीएसटी अधिनियम के तहत कार्रवाई करने का कोई ठोस कानूनी आधार नहीं था। फरवरी 2026 में हुई छापेमारी के दौरान विभाग को कोई बेहिसाबी लेन-देन या कर चोरी का प्रमाण नहीं मिला।
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वर्तमान विवाद केवल वस्तुओं के कर वर्गीकरण को लेकर है। विभाग 40 प्रतिशत कर लागू मान रहा है। जबकि याची के अनुसार उस पर 18 प्रतिशत कर देय है। अब तक कोई औपचारिक मांग या नोटिस जारी नहीं किया गया है। इसलिए बिना विधिक प्रक्रिया अपनाए संपत्ति की कुर्की करना गलत है। कोर्ट ने राजस्व अधिकारियों को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई जुलाई 2026 में होगी।
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