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High Court : सांसद चंद्रशेखर पर जातिवादी टिप्पणी करने के आरोपी को नहीं मिली राहत, आरोप मुक्त करने से इन्कार

Sat, 25 Jul 2026 06:48 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 25 Jul 2026 06:48 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नगीना लोकसभा क्षेत्र से सांसद चंद्रशेखर के खिलाफ फेसबुक पर कथित जातिवादी टिप्पणी करने के आरोपी चंद्र प्रकाश सिंह उर्फ गोली ठाकुर को आरोप मुक्त करने से इन्कार कर दिया है।

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High Court No relief for accused in casteist remark case against MP Chandrashekhar; plea for discharge reject
सांसद चंद्रशेखर आजाद। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नगीना लोकसभा क्षेत्र से सांसद चंद्रशेखर के खिलाफ फेसबुक पर कथित जातिवादी टिप्पणी करने के आरोपी चंद्र प्रकाश सिंह उर्फ गोली ठाकुर को आरोप मुक्त करने से इन्कार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि आरोप तय करने या समन जारी करने के चरण में अदालत को केवल यह देखना होता है कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है या नहीं। इस स्तर पर अदालत से सबूतों का विस्तृत मूल्यांकन करते हुए ‘मिनी-ट्रायल’ करने की अपेक्षा नहीं की जाती। यह आदेश न्यायमूर्ति संतोष राय की पीठ ने आरोपी की आपराधिक अपील खारिज करते हुए दिया।

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हमीरपुर निवासी याची के खिलाफ सुमेरपुर थाने में सांसद के खिलाफ टिप्पणी करने के मामले में एससी/एसटी एक्ट, आईटी एक्ट सहित विभिन्न आरोपों में प्राथमिकी दर्ज है। याची ने ट्रायल कोर्ट में आरोप मुक्त करने की मांग करते हुए डिस्चार्ज अर्जी दायर की थी। अर्जी खारिज किए जाने को याची ने हाईकोर्ट में चुनौती दी।
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अपीलकर्ता की ओर से दलील दी गई कि एफआईआर दर्ज कराने में करीब सात दिन की देरी हुई और उसमें कथित जातिवादी शब्दों का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। यह भी कहा गया कि आरोप अस्पष्ट हैं और एससी-एसटी एक्ट के तहत अपराध के लिए आवश्यक तत्व मौजूद नहीं हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि भले ही एफआईआर में कथित जातिवादी शब्दों को हूबहू दर्ज नहीं किया गया हो, लेकिन उसमें सांसद के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी किए जाने का आरोप है। प्रथम दृष्टया यह संकेत मिलता है कि कथित टिप्पणियां अनुसूचित जाति/जनजाति समुदाय के एक वर्ग के खिलाफ की गई थीं। ट्रायल कोर्ट के आदेश में कोई अवैधता, मनमानी या गंभीर कमी नहीं पाए जाने पर हाईकोर्ट ने आरोपी की अपील खारिज कर दी।

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