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High court news : दोबारा मेडिकल जांच में अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता अभ्यर्थी
Tue, 22 Dec 2020 01:56 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 22 Dec 2020 01:56 AM IST
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- फोटो : social media
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि पुलिस भर्ती में नियमों व मानक के तहत ली गई शारीरिक दक्षता परीक्षा व मेडिकल बोर्ड से जांच में सफल व चयनित अभ्यर्थी को दोबारा मेडिकल बोर्ड की जांच में अनफिट नहीं ठहराया जा सकता।
कोर्ट ने 2018 की पुलिस भर्ती में शारीरिक दक्षता परीक्षा व मेडिकल बोर्ड से सफल, चयनित अभ्यर्थी की दोबारा मेडिकल बोर्ड की जांच में अनफिट घोषित करने के आदेश को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने बोर्ड को नियुक्ति पत्र जारी करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार ने मथुरा के धर्म राज की याचिका पर दिया है।
याची के अधिवक्ता का कहना था कि शारीरिक दक्षता परीक्षा व मेडिकल बोर्ड से जांच के बाद याची को चयनित किया गया। उसे प्रशिक्षण पर भेजने के बजाए दोबारा मेडिकल बोर्ड की जांच में अनफिट करार दे दिया गया है। ऐसे ही एक केस में हाईकोर्ट ने दोबारा जांच को रद्द कर दिया है।
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कोर्ट ने कहा कि नियमों के तहत जांच मे उपयुक्त घोषित होने के बाद दोबारा जांच में लंबाई कम होने व सीने में फैलाव कम होने की रिपोर्ट पर नियुक्ति न देने को गलत करार दिया गया है। याची की भी समान स्थिति है। जिसपर कोर्ट ने दुबारा जांच रिपोर्ट को रद्द कर दिया है और नियुक्ति का निर्देश दिया है ।
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कोर्ट ने 2018 की पुलिस भर्ती में शारीरिक दक्षता परीक्षा व मेडिकल बोर्ड से सफल, चयनित अभ्यर्थी की दोबारा मेडिकल बोर्ड की जांच में अनफिट घोषित करने के आदेश को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने बोर्ड को नियुक्ति पत्र जारी करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार ने मथुरा के धर्म राज की याचिका पर दिया है।
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याची के अधिवक्ता का कहना था कि शारीरिक दक्षता परीक्षा व मेडिकल बोर्ड से जांच के बाद याची को चयनित किया गया। उसे प्रशिक्षण पर भेजने के बजाए दोबारा मेडिकल बोर्ड की जांच में अनफिट करार दे दिया गया है। ऐसे ही एक केस में हाईकोर्ट ने दोबारा जांच को रद्द कर दिया है।
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कोर्ट ने कहा कि नियमों के तहत जांच मे उपयुक्त घोषित होने के बाद दोबारा जांच में लंबाई कम होने व सीने में फैलाव कम होने की रिपोर्ट पर नियुक्ति न देने को गलत करार दिया गया है। याची की भी समान स्थिति है। जिसपर कोर्ट ने दुबारा जांच रिपोर्ट को रद्द कर दिया है और नियुक्ति का निर्देश दिया है ।