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हाईकोर्ट-कचहरी के वकीलों ने नहीं किया न्यायिक कार्य
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Fri, 20 Feb 2015 11:38 PM IST
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अधिवक्ता कल्याण की योजनाएं लागू नहीं किए जाने के विरोध में शुक्रवार को हाईकोर्ट और जिला न्यायालय सहित सभी अधिकरणों के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के अह्वान पर अधिवक्ताओं ने प्रदेश व्यापी हड़ताल की थी। वकीलों का मुख्य मुद्दा पांच लाख रुपये मुआवजा को लेकर है।
प्रदेश सरकार ने आकस्मिक दुघर्टना में मृत्यु पर वकीलों को 50 हजार रुपये के बजाए पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता का वादा किया था। वकीलों का कहना है कि पांच लाख तो दूर अब 50 हजार भी नहीं मिल पा रहे हैं। बार कौंसिल की सूचना के अनुसार प्रदेश के लगभग सभी जिलों के अधिवक्ता संगठनों ने उनके अह्वान पर विरोध दिवस मनाया।
हाईकोर्ट के गेट पर एक बैठक अध्यक्ष राकेश पांडेय और महासचिव सीपी उपाध्याय के नेतृत्व व संचालन में हुई। प्रदेश सरकार की नीतियों का विरोध किया गया। उधर जिला अधिवक्ता संघ के मंत्री देवेंद्र मिश्र नगरहा ने भी सरकार की नीतियों का विरोध किया है। कहा है कि 27 फरवरी को आयोजित कार्यक्रम में अधिवक्ता रैली निकाल कर डीएम को ज्ञापन सौपेंगे।
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प्रदेश सरकार ने आकस्मिक दुघर्टना में मृत्यु पर वकीलों को 50 हजार रुपये के बजाए पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता का वादा किया था। वकीलों का कहना है कि पांच लाख तो दूर अब 50 हजार भी नहीं मिल पा रहे हैं। बार कौंसिल की सूचना के अनुसार प्रदेश के लगभग सभी जिलों के अधिवक्ता संगठनों ने उनके अह्वान पर विरोध दिवस मनाया।
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हाईकोर्ट के गेट पर एक बैठक अध्यक्ष राकेश पांडेय और महासचिव सीपी उपाध्याय के नेतृत्व व संचालन में हुई। प्रदेश सरकार की नीतियों का विरोध किया गया। उधर जिला अधिवक्ता संघ के मंत्री देवेंद्र मिश्र नगरहा ने भी सरकार की नीतियों का विरोध किया है। कहा है कि 27 फरवरी को आयोजित कार्यक्रम में अधिवक्ता रैली निकाल कर डीएम को ज्ञापन सौपेंगे।
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