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High Court : सनकी, मनमाना व कानून विरुद्ध है नीलाम संपत्ति क्रेता के बजाय उधारकर्ता को देना

Wed, 23 Apr 2025 04:55 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 23 Apr 2025 04:55 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नीलामी की बयाना राशि प्राप्त करने के बाद संपत्ति क्रेता को देने के बजाय उधारकर्ता को लौटाने पर बैंक ऑफ बड़ौदा को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा यह कार्य कानून के दायरे से परे, सनकी, मनमाना और कानून के विरुद्ध है।

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High Court: It is whimsical, arbitrary and illegal to give the auctioned property to the borrower instead of
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नीलामी की बयाना राशि प्राप्त करने के बाद संपत्ति क्रेता को देने के बजाय उधारकर्ता को लौटाने पर बैंक ऑफ बड़ौदा को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा यह कार्य कानून के दायरे से परे, सनकी, मनमाना और कानून के विरुद्ध है। नीलामी में बयाना राशि लेने के बाद बैंक एकमुश्त योजना के तहत मूल उधारकर्ता को संपत्ति वापस नहीं दे सकती। कोर्ट ने बयाना राशि 24 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने का निर्देश दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति डॉ. योगेन्द्र कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने सौरभ सिंह चौहान की याचिका पर दिया।

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फतेहपुर निवासी याची ने बैंक ऑफ बड़ौदा से नीलामी में एक संपत्ति खरीदी। नीलामी की बयाना राशि चार लाख 64 हजार पांच सौ रुपये जमा कर दिया। इसके बाद बैंक ने उक्त संपत्ति को एक मुश्त समाधान योजना के तहत मूल उधारकर्ता को लौटा दिया। याची ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। याची का कहना था कि बैंक ने एकमुश्त निपटान योजना के तहत संपत्ति मूल उधारकर्ता को लौटा दी, जबकि उन्होंने पहले ही बयाना राशि अदा कर दी थी। बैंक और उसके वकील ने अदालत में अपनी गलती के लिए बिना शर्त माफ़ी मांगी।

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इस पर खंडपीठ ने निर्देश दिया कि बैंक को बयाना राशि 24 प्रतिशत ब्याज के साथ लौटानी होगी। कोर्ट ने कहा कि जब एक बार बैंक ने संपत्ति को नीलामी में बेच दिया और बोलीदाता से बयाना राशि स्वीकार कर ली तो वह किसी भी स्थिति में मूल उधारकर्ता के साथ एकमुश्त निपटान योजना के तहत संपत्ति उसे नहीं लौटा सकता था। अदालत ने बैंक को निर्देश दिया कि वह 30 अप्रैल को अदालत में संपूर्ण राशि के लिए डिमांड ड्राफ्ट लेकर उपस्थित हों।

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