High Court : जनगणना ड्यूटी से राहत की मांग पर जल्द निर्णय के निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जनगणना 2027 की ड्यूटी से छूट की मांग करने वाले शिक्षक की याचिका का निस्तारण करते हुए संबंधित प्राधिकारी को उनके प्रत्यावेदन पर शीघ्र निर्णय लेने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने दिया।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जनगणना 2027 की ड्यूटी से छूट की मांग करने वाले शिक्षक की याचिका का निस्तारण करते हुए संबंधित प्राधिकारी को उनके प्रत्यावेदन पर शीघ्र निर्णय लेने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने दिया।
बांदा निवासी याची नफीस अहमद अंसारी ने याचिका दाखिल कर 12 अप्रैल 2026 के उस आदेश को चुनौती दी थी। जिसके तहत उन्हें जनगणना 2027 के प्रशिक्षण और ड्यूटी के लिए तैनात किया गया था। याची की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि चुनाव ड्यूटी का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्होंने अपनी पत्नी की देखभाल और व्यक्तिगत कठिनाइयों का हवाला देते हुए छूट के लिए प्रत्यावेदन दिया था। लेकिन उस पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया। नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत शिक्षकों को गैर-शैक्षिक कार्यों में नहीं लगाया जा सकता।
वहीं, शासकीय अधिवक्ता ने दलील दी कि यह मामला नीतिगत निर्णय से जुड़ा है। भारत निर्वाचन आयोग ने पांच जून 2025 को जारी संशोधित दिशा-निर्देशों में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की नियुक्ति संबंधी नई व्यवस्था लागू की है। जिसके तहत सरकारी कर्मचारियों की तैनाती नीति के अनुरूप की जा रही है।
कोर्ट ने कहा कि मामले में हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। लेकिन यदि याची संबंधित प्राधिकारी के समक्ष नया प्रत्यावेदन प्रस्तुत करते हैं तो उस पर संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार यथाशीघ्र निर्णय लिया जाए।