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‘एक प्रदेश-एक हाईकोर्ट’ पर नहीं होगा समझौता

Sun, 01 Feb 2015 11:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Sun, 01 Feb 2015 11:41 PM IST
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हाईकोर्ट के वकीलों ने संगम की रेती से साफ संदेश दिया कि ‘एक प्रदेश-एक हाईकोर्ट’ के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा। पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट की खंडपीठ मंजूर नहीं है, न ही प्रधानपीठ के क्षेत्राधिकार में कोई कटौती स्वीकार होगी। रविवार को संगम किनारे आयोजित महापंचायत में आठ प्रस्ताव पारित किए गए। वहां मौजूद वकीलों और जनप्रतिनिधियों ने इन प्रस्तावों का समर्थन किया। पंचायत में हाईकोर्ट के अलावा तमाम जिला अधिवक्ता संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
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हाईकोर्ट के वकीलों ने एक मत से कहा कि मौजूदा संवैधानिक व्यवस्था और मजबूत न्याय प्रणाली के लिए एक प्रदेश में एक हाईकोर्ट ही उचित है। इस पर कोई समझौता नहीं होगा। पश्चिमी बेंच की मांग के पीछे दिल्ली की लॉ फर्म्स, कुछ स्थापित अधिवक्ता और राजनेताओं का हाथ है। बेंच विभाजन या क्षेत्राधिकार परिवर्तन की मांग असंवैधानिक है, इसका राजनैतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध किया जाएगा। हाईकोर्ट बार ऐसी गतिविधियों पर लगातार नजर रखेगा। वरिष्ठ वकीलों का प्रतिनिधि मंडल राजनीतिज्ञों, बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों से मिलकर उनको संवैधानिक तथ्यों, न्यायिक निर्णयों से अवगत कराएगा।
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निर्णय लिया गया कि बार के अध्यक्ष और महासचिव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात कर उनको वास्तविक तथ्यों से अवगत कराएगा। अंतिम प्रस्ताव के रूप में वकीलों ने चेतावनी दी कि बेंच विभाजन और क्षेत्राधिकार परिवर्तन की किसी भी कोशिश का सामाजिक और राजनैतिक स्तर पर विरोध होगा। जरूरत पड़ी तो अधिवक्ता ‘वोट पर चोट’ करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। महापंचायत के लिए जिला प्रशासन ने दिन में एक बजे से दो बजे का समय दिया था, मगर वकीलों की भीड़ बढ़ती गई तो सभा शाम चार बजे तक चली। इस दौरान पूरा पंडाल वकीलों और स्थानीय संगठनों के प्रतिनिधियों से भरा रहा।
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 वकीलों को समर्थन देने के लिए व्यापारी संगठन, कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि, राजनीतिक दलोें के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। महापंचायत में आए लोगों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दिया। मेला प्रशासन के तमाम इंतजाम के बावजूद मेला क्षेत्र में भीषण जाम की स्थिति देर शाम तक बनी रही। अध्यक्ष राकेश पांडेय और महासचिव सीपी उपाध्याय ने लोगों को हुई परेशानी के लिए खेद व्यक्त किया है। संयुक्त सचिव प्रेस राहुल कुमार पांडेय के अनुसार लगभग सौ सांसदों और विधायकों के समर्थन पत्र बार एसोसिएशन को प्राप्त हो चुके हैं।
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