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High Court : तालाब रिकॉर्ड के आधार पर होटल परियोजना रोकना गलत, नगर निगम वाराणसी के पत्र रद्द
Fri, 03 Jul 2026 05:19 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 03 Jul 2026 05:19 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के मिसिर पोखरा स्थित मजदा सिनेमा की भूमि पर प्रस्तावित करीब 100 करोड़ रुपये की होटल परियोजना के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) देने से इन्कार करने संबंधी नगर निगम के 24 जनवरी 2026 के पत्र को रद्द कर दिया।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के मिसिर पोखरा स्थित मजदा सिनेमा की भूमि पर प्रस्तावित करीब 100 करोड़ रुपये की होटल परियोजना के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) देने से इन्कार करने संबंधी नगर निगम के 24 जनवरी 2026 के पत्र को रद्द कर दिया।
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यह आदेश न्यायमूर्ति नीरज तिवारी और सुधांशु चौहान की खंडपीठ ने मेसर्स नॉट्स इंडिया कारपेट्स प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर दिया। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि 1954 से भूमि लगातार आबादी के रूप में दर्ज है। मौके पर कोई जलाशय मौजूद नहीं है। साथ 1913 के पंजीकृत बैनामे की वैधता पर भी कभी सवाल नहीं उठाया गया।
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कोर्ट ने कहा कि केवल 1884 के राजस्व अभिलेखों में भूमि को तालाब दर्ज होने के आधार पर अनुमति नहीं रोकी जा सकती। कोर्ट ने नगर निगम को चार सप्ताह के भीतर एनओसी आवेदन पर नए सिरे से निर्णय लेने का निर्देश दिया।
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