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Prayagraj News: हाईकोर्ट ने बेटी की पढ़ाई के आधार पर सरकारी आवास खाली कराने पर दी राहत
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस लाइन प्रयागराज के मुख्य परिचालक साहब सिंह यादव को राहत दी है। उन्हें तबादले के बावजूद सरकारी आवास खाली न करने की छूट दी गई है। यह राहत उनकी बेटी की पढ़ाई के कारण दी गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की एकलपीठ ने दिया है।
याची साहब सिंह यादव का स्थानांतरण 21 मई 2026 को प्रयागराज से इटावा कर दिया गया था। याचिकाकर्ता की बेटी कक्षा नौ में पढ़ती है। याची ने पुलिस महानिदेशक के 21 नवंबर 2016 के पत्र का हवाला दिया। कहा कि किसी स्थानांतरित कर्मचारी का बेटा या बेटी कक्षा नौ या ग्यारह में पढ़ रहा हो। तब सक्षम प्राधिकारी उसे सरकारी आवास बनाए रखने की अनुमति दे सकता है।
यह नियम कर्मचारियों को उनके बच्चों की शिक्षा में बाधा से बचाता है। याचिकाकर्ता ने इस आधार पर एक प्रत्यावेदन प्रस्तुत किया था। यह प्रत्यावेदन अभी भी सक्षम प्राधिकारी के समक्ष विचाराधीन है। इसके बावजूद 25 अगस्त 2026 को उन्हें आवंटित सरकारी आवास खाली करने का निर्देश दिया गया था। इस निर्देश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।
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कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद कहा कि जब तक याचिकाकर्ता के विचाराधीन प्रत्यावेदन पर कोई अंतिम आदेश पारित नहीं होता। तब तक उन्हें सरकारी आवास खाली करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
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याची साहब सिंह यादव का स्थानांतरण 21 मई 2026 को प्रयागराज से इटावा कर दिया गया था। याचिकाकर्ता की बेटी कक्षा नौ में पढ़ती है। याची ने पुलिस महानिदेशक के 21 नवंबर 2016 के पत्र का हवाला दिया। कहा कि किसी स्थानांतरित कर्मचारी का बेटा या बेटी कक्षा नौ या ग्यारह में पढ़ रहा हो। तब सक्षम प्राधिकारी उसे सरकारी आवास बनाए रखने की अनुमति दे सकता है।
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यह नियम कर्मचारियों को उनके बच्चों की शिक्षा में बाधा से बचाता है। याचिकाकर्ता ने इस आधार पर एक प्रत्यावेदन प्रस्तुत किया था। यह प्रत्यावेदन अभी भी सक्षम प्राधिकारी के समक्ष विचाराधीन है। इसके बावजूद 25 अगस्त 2026 को उन्हें आवंटित सरकारी आवास खाली करने का निर्देश दिया गया था। इस निर्देश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।
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कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद कहा कि जब तक याचिकाकर्ता के विचाराधीन प्रत्यावेदन पर कोई अंतिम आदेश पारित नहीं होता। तब तक उन्हें सरकारी आवास खाली करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।