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हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत, पीजीडीसीए डिग्री धारक भी होंगे इंटरव्यू में शामिल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Updated Thu, 22 Nov 2018 04:48 AM IST
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उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित सहायक लेखाकार और लेखा परीक्षक भर्ती में हाईकोर्ट ने पीजीडीसीए डिग्री धारकों को राहत दी है।कोर्ट ने कहा है कि इन डिग्री धारकों का साक्षात्कार में शामिल किया जाए, मगर सफल होने पर नियुक्तिपत्र कोर्ट की अनुमति के बिना नहीं दिया जाएगा।
योगेंद्र सिंह और कई अन्य द्वारा दाखिल विशेष अपील पर यह आदेश न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल और न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय की पीठ ने दिया। अपील पर वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक खरे और सीमांत सिंह ने पक्ष रखा।
इससे पूर्व एकल न्यायपीठ ने इस मामले में दाखिल याचिका खारिज कर दी थी। याचीगण का कहना था कि नियुक्ति के लिए अनिवार्य अर्हता कंप्यूटर में ‘ओ’ लेवल प्रमाणपत्र है।
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याचीगण के पास पीजीडीसीए की डिग्री है जो ‘ओ’ लेवल से उच्च योग्यता की डिग्री है। इसलिए उनको भी चयन में शामिल किया जाए। कोर्ट के अंतरित आदेश से याचीगण 11 सितंबर 2016 को आयोजित लिखित परीक्षा में शामिल हुए।
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योगेंद्र सिंह और कई अन्य द्वारा दाखिल विशेष अपील पर यह आदेश न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल और न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय की पीठ ने दिया। अपील पर वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक खरे और सीमांत सिंह ने पक्ष रखा।
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इससे पूर्व एकल न्यायपीठ ने इस मामले में दाखिल याचिका खारिज कर दी थी। याचीगण का कहना था कि नियुक्ति के लिए अनिवार्य अर्हता कंप्यूटर में ‘ओ’ लेवल प्रमाणपत्र है।
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याचीगण के पास पीजीडीसीए की डिग्री है जो ‘ओ’ लेवल से उच्च योग्यता की डिग्री है। इसलिए उनको भी चयन में शामिल किया जाए। कोर्ट के अंतरित आदेश से याचीगण 11 सितंबर 2016 को आयोजित लिखित परीक्षा में शामिल हुए।
इसका परिणाम 10 अगस्त 2018 को आया, जिसमें याचीगण सफल घोषित किए गए। मगर, कोर्ट ने साक्षात्कार में बुलाने की मांग अस्वीकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।
एकलपीठ का कहना था कि ‘ओ’ लेवल प्रमाणपत्र विज्ञापन में शामिल शर्त है, जिसे याचिका में चुनौती नहीं दी गई है। इसके खिलाफ विशेष अपील दाखिल की गई। कहा गया कि तीन विशेषज्ञों की समिति की रिपोर्ट में भी गया है कि पीजीडीसीए की डिग्री ‘ओ’ लेवल से उच्च डिग्री है। कोर्ट ने अंतरिम आदेश के तहत याचीगण को साक्षात्कार में शामिल करने का निर्देश दिया है।
एकलपीठ का कहना था कि ‘ओ’ लेवल प्रमाणपत्र विज्ञापन में शामिल शर्त है, जिसे याचिका में चुनौती नहीं दी गई है। इसके खिलाफ विशेष अपील दाखिल की गई। कहा गया कि तीन विशेषज्ञों की समिति की रिपोर्ट में भी गया है कि पीजीडीसीए की डिग्री ‘ओ’ लेवल से उच्च डिग्री है। कोर्ट ने अंतरिम आदेश के तहत याचीगण को साक्षात्कार में शामिल करने का निर्देश दिया है।