High Court : ददुआ के भाई व पूर्व सांसद बालकुमार पटेल के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा रद्द
पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार रमाकांत त्रिपाठी ने बालकुमार के खिलाफ बांदा कोतवाली थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। रमाकांत का आरोप है कि उसके रिश्तेदार भानु प्रताप चतुर्वेदी के माध्यम से बालकुमार से संपर्क हुआ।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ददुआ के भाई व मिर्जापुर से पूर्व सांसद बालकुमार पटेल उर्फ राजकुमार पर बांदा की अदालत में चल रहे धोखाधड़ी के मुकदमे को रद्द करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह ने अदालत के बाहर दोनों पक्षों में समझौता होने पर बालकुमार की याचिका पर दिया है। वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने पक्ष रखा।
पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार रमाकांत त्रिपाठी ने बालकुमार के खिलाफ बांदा कोतवाली थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। रमाकांत का आरोप है कि उसके रिश्तेदार भानु प्रताप चतुर्वेदी के माध्यम से बालकुमार से संपर्क हुआ। इस दौरान बालू खनन का व्यवसाय करने को लेकर समझौता हुआ। बालकुमार ने बड़े काम का प्रलोभन देकर 65 लाख ले लिए। इसके बाद पता चला कि बालकुमार के नाम से कोई खनन पट्टा नहीं है। इस पर उसने बालकुमार और भानु प्रताप चतुर्वेदी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। ट्रायल कोर्ट में मुकदमा लंबित था और कोर्ट ने समन आदेश जारी किया था।
बालकुमार ने याचिका दाखिल कर कहा कि रमाकांत त्रिपाठी के साथ उसका अदालत के बाहर समझौता हो गया है। समझौता पत्र भी कोर्ट में दाखिल किया। सीजीएम बांदा की ओर से 24 अप्रैल 2024 को जारी समन आदेश रद्द करने की मांग की। याची अधिवक्ता ने कहा कि समझौता हो जाने के कारण मुकदमे को लंबित रखने का औचित्य नहीं है। राज्य सरकार की ओर से भी कहा गया कि उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। कोर्ट ने सीजीएम बांदा की अदालत में लंबित धोखाधड़ी के मुकदमे को रद्द कर दिया।