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हाईकोर्ट ने पूछा : डीएम बताएं, गाजियाबाद में कितने तालाबों पर अतिक्रमण बरकरार

Sun, 30 Aug 2026 04:04 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 30 Aug 2026 04:04 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद के डीएम से हलफनामा तलब कर पूछा है कि जिले में कितने तालाब-प्राकृतिक जल निकाय अतिक्रमण की चपेट में हैं और कितने बचे हैं।

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High Court DM to state how many ponds in Ghaziabad remain encroached upon.
अदालत(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद के डीएम से हलफनामा तलब कर पूछा है कि जिले में कितने तालाब-प्राकृतिक जल निकाय अतिक्रमण की चपेट में हैं और कितने बचे हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ल की खंडपीठ ने राजेंद्र त्यागी की जनहित याचिका पर दिया। याची ने जिले के तालाबों को अमिक्रमण मुक्त कराने की मांग की थी। इस पर पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने डीएम को हलफनामा दाखिल कर तालाबों की वास्तविक स्थिति बताने का आदेश दिया था।

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डीएम की ओर से हलफनाम दाखिल किया गया। इस पर याची के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि पूर्व के आदेशों के बावजूद डीएम ने तालाबों व प्राकृतिक जल निकायों की स्थिति के संबंध में पूरा आंकड़ा उपलब्ध नहीं कराया है। यह बताया जाना जरूरी है कि कितने तालाबों पर अतिक्रमण कर निर्माण कर लिया गया है और कितने बचे हैं। साथ ही प्रत्येक की संख्या और स्थान की पूरी जानकारी भी दी जानी चाहिए। इस पर कोर्ट ने डीएम को दो हफ्ते में बेहतर और विस्तृत अनुपूरक जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। 15 सितंबर को दोपहर दो बजे सुनवाई होगी। 

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