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हाईकोर्ट : कोर्ट अवमानना में डीजीपी 21 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से तलब
Wed, 06 Apr 2022 08:55 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 06 Apr 2022 08:55 PM IST
सार
मामले में आलोक कुमार ने फर्रुखाबाद में सिपाही केपद पर तैनात अपने पिता राजेश्वर प्रसाद की मृत्य के बाद अनुकंपा नियुक्ति की मांग की थी। याची के अधिवक्ता विजय गौतम ने कहा कि हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए याची केपक्ष में फैसला दिया था।
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Prayagraj News : डीजीपी मुकुल गोयल।
- फोटो : प्रयागराज
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेशों का अनुपालन न होने पर उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मुकुल गोयल को 21 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। कोर्ट ने पुलिस विभाग के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि 2018 में आदेश होने के बावजूद पालन नहीं किया गया। लिहाजा, डीजीपी पेश हों। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने आलोक कुमार द्वारा दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
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मामले में आलोक कुमार ने फर्रुखाबाद में सिपाही केपद पर तैनात अपने पिता राजेश्वर प्रसाद की मृत्य के बाद अनुकंपा नियुक्ति की मांग की थी। याची के अधिवक्ता विजय गौतम ने कहा कि हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए याची के पक्ष में फैसला दिया था। कोर्ट ने आदेश दिया था कि डीआईजी स्थापना को दो महीने में याची के दावे को स्वीकार करते हुए दो महीने में आदेश पारित करें।
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इसी दौरान डीआईजी स्थापना राकेश शंकर सेवानिवृत्त कर दिए गए। तबसे यह पद लगातार खाली चल रहा है। लिहाजा, पुलिस विभाग ने कोर्ट के आदेश का अनुपालन ही नहीं किया। याची ने अवमानना याचिका दाखिल की तो कोर्ट ने पुलिस विभाग के रवैये पर नाराजगी जताई और डीजीपी को 21 अप्रैल को कोर्ट के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा है।
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