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मिट्टी के अवैध खनन में रायल्टी वसूली आदेश पर हस्तक्षेप से कोर्ट का इंकार

Sun, 26 May 2019 12:48 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 26 May 2019 12:48 AM IST
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High court denied to intervene on royalty revenue in illegal mining.
स्वार स्थित कोसी नदी के घाटों के नजदीक स्टोन क्रेशरों पर नदी से खनन कर किया गया रेत का डंप। अमर उजाला

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भदोही की सेमरा हरिकरनपुर की ग्राम प्रधान चंद्रावती देवी के खिलाफ  तालाब की खोदाई कर मिट्टी बेच लेने के मामले में 3 लाख 39 हजार 570 रुपये की अवैध खनन व परिवहन रॉयल्टी की वसूली आदेश पर हस्तक्षेप से इंकार कर दिया  है। कोर्ट ने कहा है कि कानून के तहत ऐसे आदेश के विरुद्ध अपील दाखिल की जानी चाहिए। याची वसूली आदेश को अपील में चुनौती दे सकती है।

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यह आदेश न्यायमूर्ति भारती सप्रू तथा न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की खंडपीठ ने चंद्रावती देवी की याचिका पर दिया है। राज्य सरकार के अधिवक्ता बीपी सिंह कछवाह का कहना था कि याची ने मनरेगा योजना के तहत तालाब की खोदाई कराई। और मिट्टी तालाब के चारों ओर रखने के बजाए बाहर भेज दिया। वास्तव में तालाब की मिट्टी बेच दी गई। और सरकारी योजना राशि हड़प ली गई। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के ऑथराइज्ड ऑफिसर स्टेट बैंक ऑफ  ट्रांवोकोर केस के हवाले से कहा कि यदि वैकल्पिक फोरम उपलब्ध है तो अनुच्छेद 226 के तहत याचिका दाखिल नहीं की जा सकती। याचिका विशेष स्थिति में हस्तक्षेप के लिए ही दाखिल की जा सकती है। याची पर बिना अनुमति के मिट्टी खोद कर बेचने के आरोप में कार्यवाही की गई है।

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