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High Court : लिखित बयान दाखिल करने का अधिकार खत्म होने पर प्रतिवादी साक्ष्य पेश नहीं कर सकता
Sat, 18 Jul 2026 01:28 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 18 Jul 2026 01:28 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि जिस प्रतिवादी का लिखित बयान दाखिल करने का अधिकार समाप्त हो चुका हो उसे अपना स्वतंत्र साक्ष्य पेश करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
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अदालत का फैसला।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि जिस प्रतिवादी का लिखित बयान दाखिल करने का अधिकार समाप्त हो चुका हो उसे अपना स्वतंत्र साक्ष्य पेश करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने कहा कि साक्ष्य केवल उन्हीं तथ्यों के समर्थन में दिया जा सकता है, जिनका उल्लेख पक्षकथन (प्लीडिंग) में किया गया हो। यदि लिखित बयान ही नहीं है तो प्रतिवादी की ओर से कोई प्लीडिंग मौजूद नहीं मानी जाएगी।
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यह आदेश न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम ने गाजियाबाद निवासी सतीश गुप्ता की याचिका पर दिया। मामला 20 अप्रैल 2017 के विक्रय अनुबंध के विशिष्ट पालन से संबंधित वाद का था। प्रतिवादी ने समय सीमा के भीतर लिखित बयान दाखिल नहीं किया। अतिरिक्त अवसर मिलने के बाद भी लिखित बयान दाखिल न करने पर ट्रायल कोर्ट ने उसका यह अधिकार बंद कर दिया।
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इसके बाद प्रतिवादी ने वादी के गवाहों से जिरह की और फिर अपना शपथपत्र और गवाहों की सूची दाखिल कर स्वयं साक्ष्य प्रस्तुत करने का प्रयास किया। वादी ने इसका विरोध किया। जिसे ट्रायल कोर्ट ने स्वीकार करते हुए प्रतिवादी का साक्ष्य शपथपत्र वापस कर दिया और स्वतंत्र साक्ष्य पेश करने का अधिकार भी समाप्त कर दिया। ट्रायल कोर्ट के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि सिविल प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के तहत प्लीडिंग में वादपत्र और लिखित बयान शामिल होते हैं। यदि किसी पक्ष ने किसी महत्वपूर्ण तथ्य की प्लीडिंग नहीं की है तो वह उस तथ्य पर साक्ष्य नहीं दे सकता।
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बिना लिखित बयान के प्रतिवादी के पास कोई प्लीडिंग नहीं रहती। इसलिए उसे स्वतंत्र साक्ष्य पेश करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। हालांकि कोर्ट ने कहा कि लिखित बयान दाखिल न करने वाला प्रतिवादी मुकदमे से पूरी तरह बाहर नहीं हो जाता। वह वादी के गवाहों से जिरह कर सकता है और वादपत्र और वादी के साक्ष्यों के आधार पर अपनी दलीलें रख सकता है, लेकिन अपना अलग साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकता।