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High Court : डीएलएड के बराबर नहीं है डीएड, सहायक शिक्षक की नियुक्ति रद्द

Fri, 09 May 2025 05:38 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 09 May 2025 05:38 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि डिप्लोमा इन एजुकेशन (डी.एड) और डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजुकेशन (डी.एल.एड) दो अलग-अलग पाठ्यक्रम हैं। डी.एड, डी.एल.एड के बराबर नहीं है।

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High Court: D.Ed is not equal to D.El.Ed, appointment of assistant teacher cancelled
इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि डिप्लोमा इन एजुकेशन (डी.एड) और डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजुकेशन (डी.एल.एड) दो अलग-अलग पाठ्यक्रम हैं। डी.एड, डी.एल.एड के बराबर नहीं है। अदालत ने इस आधार पर एक सहायक शिक्षक की नियुक्ति रद्द कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकल पीठ ने संघप्रिया गौतम की याचिका पर दिया।

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याचिकाकर्ता ने 2014 में मध्य प्रदेश से दो वर्षीय डी.एड की पढ़ाई की। इसके बाद 2015 में शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण की। सहायक अध्यापक के लिए 2016 में शुरू हुई चयन प्रक्रिया में शामिल हुई और 7 जनवरी, 2024 को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सीतापुर ने नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिया। हालांकि, उसे यह कहते हुए स्कूल आवंटित नहीं किया गया कि डी.एड, डी.एल.एड के बराबर नहीं है। याची ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी।

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अदालत ने पक्षों को सुनने के बाद कहा कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजुकेशन आवश्यक है। इसमें डिप्लोमा इन एजुकेशन (डी.एड) शामिल नहीं है। अदालत ने यह भी कहा कि डी.एड का पाठ्यक्रम डी.एल.एड से अलग है। डी.एल.एड में बाल मनोविज्ञान, बाल विकास और बचपन को समझने पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जाता है, जबकि डी.एड सामान्य विषयों पर अधिक केंद्रित है।

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अदालत ने कहा कि चूंकि डी.एड, डी.एल.एड के बराबर नहीं है, इसलिए याचिकाकर्ता सहायक शिक्षक के पद के लिए आवश्यक योग्यता नहीं रखता है। अदालत ने उसकी नियुक्ति को रद्द करने के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं पाया और उसकी याचिका खारिज कर दी।

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