हाईकोर्ट : न्यायालय लिपिक को 24 घंटे में सरेंडर करने का निर्देश
हाईकोर्ट ने एसएसपी बुलंदशहर को भी आदेश का पालन करने का निर्देश दिया है। याचिका की अगली सुनवाई 21 फरवरी को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार व न्यायमूर्ति ओपी त्रिपाठी की खंडपीठ ने विक्रम शर्मा के खिलाफ आपराधिक अवमानना याचिका पर दिया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुलंदशहर की जिला अदालत के लिपिक रहे विक्रम शर्मा को 24 घंटे में अदालत में समर्पण करने का निर्देश दिया है। कहा कि समर्पण नहीं करने पर जनपद न्यायाधीश बुलंदशहर कुर्की तथा जब्ती की कार्रवाई जैसे कड़े कदम उठाएं और अभिरक्षा में लेकर कोर्ट में पेश करें।
हाईकोर्ट ने एसएसपी बुलंदशहर को भी आदेश का पालन करने का निर्देश दिया है। याचिका की अगली सुनवाई 21 फरवरी को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार व न्यायमूर्ति ओपी त्रिपाठी की खंडपीठ ने विक्रम शर्मा के खिलाफ आपराधिक अवमानना याचिका पर दिया है।
कोर्ट ने विक्रम शर्मा को 24 मई 2018 को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। उसने आदेश का पालन नहीं किया और न ही 30 जुलाई 2018 को हाजिर हुआ। जमानती वारंट जारी किया गया तो 26 सितंबर 2018 को उसकी तरफ से वकील ने जवाब देने के लिए तीन हफ्ते का समय मांगा।
फिर कोर्ट में बहस के लिए कभी हाजिर नहीं हुआ तो कोर्ट ने 16 जनवरी 2019 को विक्रम के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करके पेश करने का आदेश दिया। पुलिस ने पकड़कर पेश किया तो जवाब दाखिल करने के लिए फिर समय मांगा। उसे जेल से कोर्ट में पेश किया गया किंतु उसने कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं दिया।
कई तारीखों पर सुनवाई को टलवाता रहा
17 जुलाई 2019 को अलीगढ़ जिला जेल से कोर्ट में पेश किया गया तो जवाब के लिए फिर समय मांगा। 23 अक्तूबर 2019 को भी जवाब दाखिल करने का फिर एक बार मौका दिया गया। एक अक्तूबर 2020 को वकील ने बताया कि आरोपी जमानत पर रिहा कर दिया गया है।
छह हफ्ते का समय मांगा। फिर भी जवाब नहीं दिया तो कोर्ट ने 28 जनवरी 2021 को जमानती वारंट जारी किया। विक्रम के वकील ने आदेश वापस लेने की अर्जी दी। इसके बाद कई तारीखों पर सुनवाई टलवाता रहा। नवंबर 2021 को गैर जमानती वारंट जारी किया गया।
छह जनवरी 2022 को कार्यालय रिपोर्ट में बताया गया कि दिए गए पते से लापता है। इस पर कोर्ट ने जिला जज को सीजेएम के जरिए सर्विस रिकार्ड में दर्ज पते पर तलाश कर तीन हफ्ते में जानकारी देने का निर्देश दिया। एसएसपी को भी निर्देश दिया गया कि गिरफ्तार कर तीन फरवरी 2022 को पेश करें।
इसके बावजूद विक्रम न तो एसएसपी के पास हाजिर हुआ और न ही कोर्ट में पेश हुआ। दिल्ली में अपने वकील के चेंबर से वीडियो कांफेंसिंग के जरिए हाजिर हुआ। कोर्ट ने कहा कि विक्रम जानबूझकर कोर्ट के आदेश का पालन नहीं कर रहा है।