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High Court : गैंगस्टर एक्ट के दुरुपयोग पर कोर्ट नाराज, अपर मुख्य सचिव गृह को कारण बताओ नोटिस

Mon, 12 Jan 2026 03:39 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 12 Jan 2026 03:39 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के कथित दुरुपयोग और पुलिस शक्तियों के मनमाने इस्तेमाल पर नाराजगी जताई है। इस संबंध में मांगी गई जानकारी हलफनामे में न देने पर कोर्ट ने राज्य के अपर मुख्य सचिव (गृह) को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

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High Court: Court angry over misuse of Gangster Act, show cause notice to Additional Chief Secretary Home
इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के कथित दुरुपयोग और पुलिस शक्तियों के मनमाने इस्तेमाल पर नाराजगी जताई है। इस संबंध में मांगी गई जानकारी हलफनामे में न देने पर कोर्ट ने राज्य के अपर मुख्य सचिव (गृह) को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की एकल पीठ ने दिया है।

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गाजियाबाद निवासी याची राजेंद्र त्यागी और दो अन्य आवेदकों ने पुलिस की ओर से गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई में शक्तियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए दर्ज मुकदमे को रद्द करने की मांग कर हाईकोर्ट में अर्जी दायर की थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कमिश्नरेट प्रणाली में गैंगचार्ट को मंजूरी देने के लिए जिला मजिस्ट्रेट की शक्तियों को पुलिस आयुक्त को सौंपने से संबंधित अधिसूचनाओं और कानूनी प्रावधानों पर स्पष्टीकरण मांगा था। कोर्ट ने गृह विभाग की ओर से दायर हलफनामों पर असंतोष व्यक्त किया।
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कोर्ट ने कहा कि संबंधित अधिकारियों ने या तो पिछले आदेशों पर ध्यान नहीं दिया या बहुत ही लापरवाह पूर्वक काम किया। गृह सचिव की ओर से दाखिल हलफनामे में कमिश्नरेट प्रणाली को दिल्ली, मुंबई और बंगलूरू की तर्ज पर जीरो टॉलरेंस नीति और एक उत्कृष्ट राष्ट्रीय अभ्यास बताया गया था। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि हलफनामा 27 नवंबर, 2025 के आदेश की मूल भावना और आवश्यकताओं को पूरा करने में विफल रहा है। कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव (गृह) को यह बताने का निर्देश दिया है कि बार-बार आदेश दिए जाने के बावजूद गृह विभाग विशिष्ट विवरण प्रस्तुत करने में क्यों विफल रहा है। मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी 2026 को तय की गई है।

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