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High Court : पूर्व सैनिक लेखपालों के वेतन निर्धारण पर निर्णय नहीं लेने पर झांसी के डीएम को अवमानना नोटिस
Thu, 07 Aug 2025 04:40 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 07 Aug 2025 04:40 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व सैनिक लेखपालों के वेतन निर्धारण में उनकी सेना की गई सेवा को जोड़ने पर फैसला नहीं लेने पर झांसी के डीएम के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया है।
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अदालत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व सैनिक लेखपालों के वेतन निर्धारण में उनकी सेना की गई सेवा को जोड़ने पर फैसला नहीं लेने पर झांसी के डीएम के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने 13 अक्तूबर तक कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने पर उन्हें अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति नीरज तिवारी की अदालत ने मऊरानीपुर तहसील के लेखपाल जय सिंह यादव व अन्य की अवमानना याचिका पर दिया है।
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याची के अधिवक्ता ओम प्रकाश सिंह ने दलील दी कि सिविल सर्विस रेगुलेशन के प्रस्तर 422 व 526 में स्पष्ट प्रावधान है कि भूतपूर्व सैनिकों की सेना में की गई सेवा को वर्तमान सेवा में जोड़ा जाएगा। साथ ही उनका वेतन सेवा से सेवानिवृत्ति की तिथि को आहरित अंतिम मूल वेतन के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।
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याची भारतीय सेना व नौसेना में 15 वर्ष से अधिक सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए थे। याचियों की नियुक्ति झांसी के राजस्व विभाग में लेखपाल पद पर भूतपूर्व सैनिक कोटे में 2016 में हुई थी। कहा गया कि याचियों की सेना में की गई सेवा को वर्तमान सेवा में नहीं जोड़ा जा रहा है जबकि 26 अगस्त 1977, 26 मार्च 1980, 22 मार्च 1991, सात नवंबर 2014, जून 2021 के शासनादेश में भी स्पष्ट प्रावधान है।
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याचियों ने अपनी मांग को लेकर याचिका दाखिल की थी जिस पर रिट कोर्ट ने डीएम झांसी की मामले में निर्णय लेने का आदेश दिया था। इसके बावजूद चार महीने बाद भी फैसला नहीं लिया गया। यह कोर्ट के आदेश की अवमानना है। ब्यूरो